पंजाब कांग्रेस नेता प्रताप सिहं बाजवा।
पंजाब कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि “स्पेशल सेशन” लाने से विधानसभा खोखली हो रही है। यह एक पीआर प्लेटफॉर्म बनकर रह गई है।
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उन्होंने कहा कि नियमित सत्र फिर से शुरू किए जाएं। हर वर्ष कम से कम 40 बैठकें सुनिश्चित हों और विधानसभा की संवैधानिक गरिमा को सुरक्षित रखा जाए। लोकतंत्र केवल नारों और दिखावे से नहीं चलता है।
नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा।
बाजवा ने पत्र में लिखीं 2 बड़ी बातें…
- रेगुलर विधानसभा सत्रों की जगह खास तौर पर चुने गए “स्पेशल सेशन” लाने से विधायिका खोखली हो रही है और यह एक पीआर प्लेटफॉर्म बनकर रह गई है। प्रश्नकाल और शून्यकाल जवाबदेही के संवैधानिक माध्यम हैं, न कि प्रक्रिया से जुड़ी रुकावटें, जिन्हें नजरअंदाज किया जा सके। सदन की बैठकों में कटौती से निगरानी और जांच कमजोर होती है, जनता की शिकायतें दब जाती हैं और सत्ता कार्यपालिका के हाथों में सिमट जाती है।
- नियमित सत्र फिर से शुरू किए जाएं, हर वर्ष कम से कम 40 बैठकें सुनिश्चित हों और विधानसभा की संवैधानिक गरिमा को सुरक्षित रखा जाए। लोकतंत्र केवल नारों और दिखावे से नहीं चलता।
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