बैठक का उद्देश्य एसआईआर को लेकर कार्यकर्ताओं को जागरूक करना था। इस बैठक में जयपुर से आए प्रभारी नेमीचंद गुर्जर मुख्य अतिथि थे। बताया जा रहा है कि प्रभारी और मंडल अध्यक्ष के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद हुआ, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गया।
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मंडल अध्यक्ष दीपक नामदेव ने आरोप लगाया कि प्रभारी नेमीचंद गुर्जर कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र भाषा में बात कर रहे थे और उन पर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर सवाल उठाए। नामदेव के अनुसार जब उन्होंने बताया कि यह सामाजिक बैठक है तो प्रभारी ने उनके राजनीतिक करियर को खत्म करने की धमकी दी।
वहीं प्रभारी नेमीचंद गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा कि बैठक में बीएलओ और बीएलए से जुड़े कामकाज पर चर्चा चल रही थी लेकिन दीपक नामदेव गुटबाजी और जिलाध्यक्ष पद को लेकर टिप्पणी करने लगे। गुर्जर ने कहा कि जब उन्होंने टोकने की कोशिश की तो नामदेव गाली-गलौज पर उतर आए।
विवाद बढ़ता देख बैठक को बीच में ही निरस्त कर दिया गया। फिलहाल दोनों पक्षों ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है लेकिन प्रभारी ने पूरे मामले की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भेज दी है।
कांग्रेस की यह बैठक जिस उद्देश्य से बुलाई गई थी, वह पूरी तरह से हंगामे में तब्दील हो गई और अब पार्टी के अंदर गुटबाजी और अनुशासनहीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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