कभी जिन चिट्ठियों का इंतजार घर-घर में होता था, अब वे तेजी से कम हो रही हैं। खतों की खुशबू इस कदर फीकी हो रही है कि अलीगढ़ के प्रधान डाकघर में रोजाना आने वाली साधारण डाक 7800 से घटकर छह हजार पर आ गई है।
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मोबाइल फोन, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के इस दौर में निजी संदेशों ने कागज का साथ छोड़ दिया जिसके चलते साधारण डाक में करीब 25 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। यह बदलाव कोरोना महामारी और लॉकडाउन काल के बाद तेजी से देखने को मिला है। डाक घर के अधिकारियों की मानें तो संचार माध्यमों में बदलाव के साथ लॉकडाउन के दौरान लोगों में व्यावहारिक बदलाव भी एक कारण है। इसका एक प्रभाव यह रहा कि कुछ दिन पहले अलीगढ़ के छह डाक घरों को आमदनी पूरी न होने के चलते स्थानांतरित करना पड़ा।
इतना ही नहीं, साल 2021 में प्रतिदिन औसतन 350 अंतर्देशीय लिफाफे बिक रहे थे लेकिन पिछले वर्ष इनकी संख्या घटकर 100 रह गई। इस साल जनवरी से लेकर अब तक लिफाफे के लिए 10 ग्राहक भी नहीं पहुंचे। पोस्टकार्ड की स्थिति और भी कमजोर है। इनकी बिक्री प्रतिदिन 250 से घटकर 50 पर आ गई। समय के साथ अंतर्देशीय लिफाफे की कीमत 2.50 और एक रुपये में दो पोस्टकार्ड बिक रहे हैं।