जिला पंचायत सभाकक्ष में शनिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व जनमन) और मनरेगा के कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। आयुक्त मनरेगा एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना, तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय की उपस्थिति में स्पष्ट निर्देश दिए कि अपूर्ण आवासों को 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए।
आयुक्त सिन्हा ने एक नई पहल पर जोर देते हुए कहा कि आवास योजना के हितग्राहियों को रेत, सीमेंट और गिट्टी जैसी सामग्री डीलर दीदियों (स्व-सहायता समूह) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। इससे न केवल हितग्राहियों को कम दर पर सामान मिलेगा, बल्कि महिला समूहों को आजीविका के नए साधन भी प्राप्त होंगे। वनांचल क्षेत्रों में विशेष पिछड़ी जनजाति (बैगा) परिवारों को जनमन आवास योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। अफसरों ने कहा कि हितग्राहियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने पक्के मकानों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
ग्रामीणों को अपना मकान स्वयं बनाने हेतु प्रेरित किया जाए, जिसमें मैदानी अमला तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। सिन्हा ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे मोर गांव मोर पानी महाअभियान और आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना भी की। आयुक्त ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि केवल निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि इनसे आजीविका जुड़नी चाहिए। सभी सरोवरों में मछली पालन, फलदार पौधरोपण और फूल उत्पादन जैसे कार्य महिला समूहों को सौंपे जाएं।
वनांचल क्षेत्रों में जल संरक्षण और रोजगार के लिए आजीविका डबरी निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। सभी निर्माण कार्य इसी पोर्टल के माध्यम से कराने और लेबर बजट के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में आयुक्त ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता या किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि मजदूरों का भुगतान समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
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