चित्तौड़गढ़ में 8 मार्च को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और मातृ शक्ति दुर्गावाहिनी की ओर से एक समरसता संगोष्ठी रखी गई है। यह प्रोग्राम शाम 5:30 बजे इंदिरा प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में होगा। आयोजकों ने बताया कि संगोष्ठी के बाद “संगत-पंगत” का प्रोग्राम भी होगा। इसमें अलग-अलग मत और समाज के लोग संतों के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसका मकसद आपसी भाईचारा बढ़ाना है। मंगलवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देने के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की धरती से एक मजबूत एकता का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में आने की अपील की। साथ ही कहा कि समाज को बांटने वाली किसी भी ताकत से सावधान रहना जरूरी है। उनसे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज पोक्सो मामले को लेकर भी सवाल पूछे गए। इस पर विनोद बंसल ने कहा कि संतों के मामलों पर उनकी धार्मिक संस्थाएं फैसला करती हैं। परिषद संतों के साथ है, लेकिन कानून को अपना काम करने देना चाहिए। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मुद्दे सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं, इसलिए कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। 8 मार्च को होने वाले प्रोग्राम में परिषद के केंद्रीय संगठन सह मंत्री विनायक राव देशपांडे भी आएंगे।
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