जिले में चाइनीज मांझे की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित होते-होते रह गई। प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक रहे चाइनीज मांझे ने एक मेहनतकश परिवार की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। बेनटेक्स ज्वेलरी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले रामगिरी गोस्वामी चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनका गला इतनी बुरी तरह कट गया कि आहार नली तक दिखाई देने लगी। समय रहते इलाज और पत्नी की सूझबूझ से उनकी जान बच सकी।
2 जनवरी को हुआ हादसा, पत्नी के साथ लौट रहे थे घर
यह दर्दनाक घटना 2 जनवरी की है। रामगिरी गोस्वामी अपनी पत्नी के साथ चांद, बीसापुर कला और लिंगा होते हुए छिंदवाड़ा लौट रहे थे। रोजमर्रा की तरह वे काम निपटाकर घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चंदन गांव स्थित शराब भट्टी के पास सड़क पर फैला चाइनीज मांझा अचानक उनके गले में लिपट गया। तेज धारदार मांझे ने पल भर में उनका गला चीर दिया और बाइक पर ही खून बहने लगा।
मौके पर मचा हड़कंप, खून से लथपथ हो गए रामगिरी
मांझा लगते ही रामगिरी दर्द से कराह उठे और संतुलन बिगड़ गया। गले से तेजी से खून बहने लगा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क से गुजर रहे लोगों ने भी यह मंजर देखा, लेकिन किसी को समझ नहीं आया कि तुरंत क्या किया जाए।
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पत्नी की समझदारी बनी जीवन रक्षक
इस मुश्किल घड़ी में पीछे बैठी पत्नी ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने दुपट्टे और रुमाल से रामगिरी का गला कसकर बांधा, ताकि खून बहना रोका जा सके। इसके बाद उन्होंने तुरंत रामगिरी के दोस्तों को फोन कर घटना की जानकारी दी। समय रहते मदद मिलने से रामगिरी को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
डॉक्टरों के लिए भी चुनौतीपूर्ण रहा इलाज
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने रामगिरी की गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार चाइनीज मांझे से गला इतनी गहराई तक कट गया था कि आहार नली तक दिखाई देने लगी थी। संक्रमण और जान के खतरे को देखते हुए अलग-अलग समय पर तीन ऑपरेशन किए गए। कुल 43 टांके लगाए गए। करीब चार दिन तक रामगिरी अस्पताल में भर्ती रहे, तब जाकर उनकी हालत में सुधार हुआ।
घर लौटे, लेकिन खतरा अभी टला नहीं
इलाज के बाद बुधवार को रामगिरी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें सख्त हिदायत दी है कि वे कुछ समय तक ठोस भोजन बिल्कुल न लें। फिलहाल उन्हें सिर्फ लिक्विड डाइट पर रखा गया है और नियमित इलाज जारी है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि पूरी तरह ठीक होने में लंबा समय लगेगा।
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