मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि प्रदेश के कमजोर आर्थिक हालात के बावजूद सरकार ने बेहतर बजट का प्रयास किया है। आम तबकों की जरूरत का ख्याल इसमें रखा गया है। प्रदेश में पहलगाम आतंकी हमला और बाढ़ दो बड़ी चुनौतियां थीं। इसके बावजूद केंद्र से मिली विशेष आर्थिक सहायता पैकेज बजट में सहायक साबित हुआ है।
मुख्यमंत्री उमर बजट प्रस्तुत करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, बजट अंतिम डॉक्यूमेंट नहीं है। पिछले साल के बजट को साथ लेकर चलना होगा। सरकार ने बजट में नौ प्रतिशत हानि कम की है और 16 फीसदी रेवेन्यू को बढ़ाया है। उमर ने कहा, लघु और सूक्ष्म उद्योगों की मंजूरी मिलने में पहले देरी लगती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
तीन साल के लिए उद्योगपति अपना काम शुरू कर पाएंगे, उनसे कोई प्रमाणपत्र नहीं मांगा जाएगा। उन्होंने कहा, सरकार ने गरीब तबके के छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा का फैसला किया है। कश्मीरी पंडितों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। कश्मीरी पंडित घाटी में बसना चाहते हैं तो सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कृषि, बागवानों और किसानों के लिए सरकार ने प्रावधान किए हैं।
बजट में डेयरी सेंटर का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, बंद पड़े पर्यटन स्थलों को भी खोलने की बात की गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों की हालत सुधारने पर सरकार काम कर रही है। प्रदेश में बड़े अस्पतालों को आने का न्योता नहीं दिया जाएगा।
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