Chhattisgarh superfood farming :रायपुर कृषि विज्ञान केंद्र छुईखदान सुपरफूड तैयार किया जा रहा है. ये उन्नत किस्में किसानों को 25 रुपये प्रति पौधा उपलब्ध कराई जा रही हैं. यदि किसान बड़े स्तर पर खेती करना चाहते हैं तो मुनगा बीज 4 हजार रुपये प्रति किलो की दर से प्राप्त कर सकते हैं. मुनगा में फलन छह महीने में ही शुरू हो जाता है और लगभग दो वर्षों तक इसका व्यवसायिक उत्पादन लिया जा सकता है.
मुनगा की तीन उन्नत किस्में विशेष रूप से सफल
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. असार्टी ने कहा कि मुनगा को आज ‘सुपर फूड’ के नाम से जाना जाता है. कृषि विज्ञान केंद्र पिछले 15 वर्षों से मुनगा पर अनुसंधान और प्रचार-प्रसार का कार्य कर रहा है. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मुनगा की तीन उन्नत किस्में विशेष रूप से सफल पाई गई हैं Moringa PKM 1, Moringa PKM 2 और Moringa ODC 3. ये किस्में अनुसंधान के माध्यम से विकसित की गई हैं और राज्य की जलवायु में बेहतर वृद्धि और उत्पादन देती हैं.
PKM 1 किस्म में पत्तियों में पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह भाजी (साग) के लिए अत्यंत उपयुक्त है. वहीं PKM 2 और ODC 3 किस्में फल उत्पादन के लिए श्रेष्ठ मानी जाती हैं. मुनगा के पौधों को 2 से ढाई मीटर की दूरी पर लगाया जा सकता है. रोपाई का सबसे उपयुक्त समय जून-जुलाई होता है, लेकिन ठंड के मौसम को छोड़कर पर्याप्त पानी की व्यवस्था होने पर इसे किसी भी समय लगाया जा सकता है.
25 दिनों में पौधे खेत में लगाने योग्य
खेती की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि बीज को पहले भिगोया जाता है और फिर पॉली बैग में रोपण किया जाता है. लगभग 25 दिनों में पौधे खेत में लगाने योग्य हो जाते हैं. मुनगा पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण इसमें नाइट्रोजन की आवश्यकता कम होती है. एक हेक्टेयर भूमि में मात्र 20 किलो नाइट्रोजन पर्याप्त होती है, साथ ही फास्फोरस का प्रयोग भी किया जा सकता है. गोबर खाद का उपयोग करने से रासायनिक उर्वरकों की मात्रा और कम की जा सकती है.
मुनगा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कीट और रोग का प्रकोप कम होता है, जिससे लागत घटती है. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी मुनगा अत्यंत लाभकारी है. इसमें प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.
25 रुपये प्रति पौधा उपलब्ध
कृषि विज्ञान केंद्र छुईखदान में ये उन्नत किस्में किसानों को 25 रुपये प्रति पौधा उपलब्ध कराई जा रही हैं. यदि किसान बड़े स्तर पर खेती करना चाहते हैं तो मुनगा बीज 4 हजार रुपये प्रति किलो की दर से प्राप्त कर सकते हैं. मुनगा में फलन छह महीने में ही शुरू हो जाता है और लगभग दो वर्षों तक इसका व्यवसायिक उत्पादन लिया जा सकता है इससे किसानों को कम समय में अच्छा आर्थिक लाभ मिल सकता है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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