छत्तीसगढ़ के बीजापुर में इंद्रावती नदी में डोंगी पलटने से एक ही परिवार के 4 लोग तेज बहाव में बह गए। लापता लोगों में दो महिलाएं और दो बच्चों शामिल हैं। डोंगी में कुल 6 लोग सवार थे, जिनमें से दो को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। बाकी की तलाश जारी है। यह घटना 21 जनवरी की शाम करीब 5 बजे उसपरी झिल्ली घाट पर हुई। सभी पीड़ित इंद्रावती नदी पार स्थित बोड़गा गांव के निवासी थे। वे बाजार से अपने घर लौट रहे थे, तभी डोंगी अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे यह हादसा हुआ। पहले देखिए तस्वीरें सुबह से रेस्क्यू जारी तहसीलदार सूर्यकांत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। नगर सेना (होमगार्ड) को भी सूचित कर बुलाया गया। शाम होने के कारण बचाव अभियान शुरू नहीं हो सका। नगर सेना की टीम ने आज सुबह मोटर बोट की सहायता से लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी है। इंद्रावती नदी के पार स्थित दर्जनों गांवों के निवासियों के लिए पीडीएस राशन लाने या बाजार आने-जाने के लिए डोंगी ही एकमात्र साधन है। इस नदी के घाटों पर डोंगी पलटने से हर साल कई लोगों की जान चली जाती है। यह वही उसपरी घाट है, जिसे पार कर सेंट्रल कमेटी सदस्य रूपेश अपने 140 साथियों के साथ हथियार लेकर नाव से आत्मसमर्पण करने आया था। ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… पैरेंट्स से कहा- मैं फेलियर हूं, फिर दे दी जान: 4 दिन बाद इंद्रावती नदी में मिली JEE स्टूडेंट की लाश, पिता साउथ-अफ्रीका में इंजीनियर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में इंद्रावती नदी के पुल में कूदे नाबालिग छात्र का शव 4 दिन बाद मिला है। सुसाइड से पहले अंश श्रीवास्तव (17 साल) ने अपने पैरेंट्स के लिए डिजिटल रूप में एक नोट लिखकर खुद को फेलियर बताया था। उसने नोट में लिखा था ‘सॉरी मम्मी-पापा, मैं कुछ नहीं कर पाया। मैं फेलियर हूं।’ पढ़ें पूरी खबर…
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