करनाल। करनाल की अनाज मंडी में हुए गेटपास फर्जीवाड़े में शामिल आढ़ती देवेंद्र सिंह को एसआईटी ने एक दिन के रिमांड के बाद दोबारा अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। पुलिस ने रिमांड के दौरान आरोपी से दो लाख रुपये की राशि बरामद की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मिलर एवं आढ़ती देवेंद्र सिंह ने फर्जी पंजीकरण के आधार पर 2500 क्विंटल यानि कुल 59 लाख 72 हजार 500 रुपये की धान के फर्जी गेटपास कटवाए।कागजों में ही धान को आया और बिका हुआ दिखाया। सीजन के अंत में आरोपी आढ़ती ने यूपी से सस्ते दाम में पीआर धान खरीदकर खुद के चावल मिल में लगा दी। ताकि सरकार को ये लगे की उनका स्टॉक पूरा है।
पुलिस ने जब पंजीकृत किसानों के खेतों में जाकर पता किया तो जांच में सामने आया कि वहां भी पीआर धान नहीं लगा हुआ था। इसके अलावा जब किसानों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि आढ़ती ने बिना उनको जानकारी दिए उनके नाम से पंजीकरण किया था। धान की बिक्री दिखाने के बाद खाते में आए भुगतान की राशि भी उन्होंने आढ़ती को दे दी थी।
एसआईटी ने इसी आधार पर आरोपी आढ़ती देवेंद्र को गिरफ्तार किया था। एसआईटी के सदस्य मुकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी को अदालत में पेश करके एक दिन का रिमांड मिला था। पुलिस ने आरोपी से दो लाख रुपये की राशि बरामद की है। आरोपी को दोबारा से अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस अन्य आढ़तियों और किसानों की जांच कर रही है।
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यूपी से धान खरीदकर मिलों में दिखाया स्टॉक
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आढ़ती देवेंद्र की दरड़ गांव में सनराइज और बिग फूड के नाम से चावल की मिलें हैं। उसने करनाल अनाज मंडी में फर्जी गेटपास कटवा कर खरीद दिखा दी। इसके बाद मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों से मिलीभगत करके फर्जी धान को कागजों में ही बिका दिखाया। इसके बाद आरोपी ने खुद के चावल मिल के नाम आउटवर्ड के गेटपास कटवा लिए ताकि धान का वहां स्टॉक दिखाया जा सके। बाद में आरोपी ने दोनों मिलों में यूपी से सस्ते दाम का पीआर धान खरीदकर लगा दिया जिससे सरकार के नियमानुसार स्टॉक दिखाया जा सके।
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किसान नहीं कर रहे जांच में सहयोग
गेटपास फर्जीवाड़े को लेकर जब से करनाल पुलिस की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है।करनाल मंडी में सीजन के दौरान पीआर धान के 28 हजार गेटपास कटे हैं। पुलिस एक-एक किसान की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार किसान भी जांच में पुलिस का सहयोग नहीं कर रहे हैं। एसआईटी ने जब से आरोपी आढ़ती नरेश गर्ग और देवेंद्र को गिरफ्तार किया है, तब से कई आढ़ती और मिलर्स भूमिगत है। अब एआईटी उन आढ़तियों की दुकानों से हुई खरीद का ब्यौरा खंगाल रही है।
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