चंडिका माता मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण का विवाह रुक्मणी के साथ हुआ। हिमाचल प्रदेश बिलासपुर से पधारे आचार्य सुमित शास्त्री ने कथा सुनाकर सभी को भाव-विभोर किया। मंदिर के पंडितों और संगत के सहयोग से कराई जा रही कथा से पहले भ
जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गईं। कहने लगी हे कन्हैया जब आपको हमें छोड़कर ही जाना था तो हमसे प्रेम क्यू किया। गोपी उद्धव संवाद, श्री कृष्ण एवं रुक्मणी विवाह पर झांकी प्रस्तुत की गईं। जिसमें महिलाओँ ने रुक्मणी का सुंदर शृंगार किया। इसमें महिलाओं ने भजन ‘आज मेरे श्याम की शादी है…का भजन गाया। शास्त्री ने कहा कि इस कलियुग में केवल भगवान का नाम ही जप करने से सारे दुखों का नाश होता है। वहीं जन्म मरण के बंधन से भी मुक्ति मिल जाती है। इसलिए भगवान की पूजा, आराधना मनुष्य को करते रहना चाहिए। ऐसा करने से एक दिन भगवान की प्राप्ति होती है, लेकिन मनुष्य ने अपने जीवन में जो कर्म किए है उनकी कर्मानुसार फल प्राप्त होता है। इस मौके पर कई भक्तजन मौजूद रहे।
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