चंडीगढ़ के दक्षिणी सेक्टर (31 से 56, 61 और 63) में सफाई का काम कर रही लायंस सर्विसेज लिमिटेड पर चंडीगढ़ नगर निगम ने 35 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर सफाई में लापरवाही, पूरा स्टाफ न रखने और नियमों की अनदेखी करने के आरोप हैं। पहली बार कंपनी पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है। इन सेक्टरों में जीआईएस आधारित मैकेनाइज्ड और मैनुअल सफाई का जिम्मा इसी कंपनी के पास था। लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम ने सख्त कदम उठाया। कंपनी की समयावधि पहले ही खत्म हो चुकी थी, फिर भी उसे कई महीनों तक कार्य विस्तार दिया जाता रहा। नहीं मिल रहा था गुड़, तेल और साबुन जानकारी के अनुसार, कंपनी कई सालों से सफाई कर्मचारियों को गुड़, तेल और साबुन जैसी जरूरी चीजें नहीं दे रही थी। हाल ही में कर्मचारियों को इसके बदले कुछ राशि जारी की गई। नियम यह भी है कि कर्मचारियों को वेतन देने के बाद ही कंपनी का बिल पास होना चाहिए, लेकिन पहले कंपनी को भुगतान कर दिया जाता था और बाद में वह कर्मचारियों को वेतन देती थी। इस कार्यप्रणाली पर पूर्व कमिश्नर विनय प्रताप सिंह ने भी आपत्ति जताई थी। अब नई कंपनी को सौंपा जाएगा काम लायंस कंपनी की जगह नई कंपनी चुनने के लिए नगर निगम ने दोबारा टेंडर जारी किया है। इस बार 6 कंपनियों ने आवेदन किया है। तकनीकी जांच के बाद इनमें से एक कंपनी को फाइनल किया जाएगा। पहले जब टेंडर जारी हुआ था तो सिर्फ दो कंपनियों ने आवेदन किया था। उनमें से भी तकनीकी रूप से केवल लायंस कंपनी ही योग्य पाई गई थी। दूसरी कंपनी मानकों पर खरी नहीं उतरी थी। इससे प्रतिस्पर्धा नहीं बन सकी थी। अब छह कंपनियों के आने से निगम को बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है। जीआईएस से होगी निगरानी नए टेंडर में यह तय किया गया है कि सफाई काम की निगरानी जीआईएस सिस्टम से होगी। कंपनी को बैंक गारंटी देनी होगी और शिकायतों के लिए कंट्रोल नंबर भी देना होगा। कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाएं भी देनी होंगी। जीआईएस सिस्टम से सफाई गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और काम की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। लोग एक ही प्लेटफॉर्म पर शिकायत कर सकेंगे और उसका समाधान भी देखा जा सकेगा। इससे काम में पारदर्शिता बढ़ेगी। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि दक्षिणी सेक्टरों की सफाई के लिए छह कंपनियों ने आवेदन किया है। जांच के बाद एक कंपनी को चुना जाएगा। पुरानी कंपनी पर 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नगर निगम का कहना है कि अब सफाई व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर और साफ-सुथरी सेवा मिल सके।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.