चंडीगढ़ सेक्टर-22 स्थित एक पीजी में सात साल पहले 2 सगी बहनों की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में चंडीगढ़ जिला कोर्ट ने आरोपी कुलदीप को दोषी करार दिया है। कोर्ट अब इस मामले में 9 फरवरी को सजा सुनाएगी। यह वारदात रक्षाबंधन के दिन हुई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। जानकारी अनुसार, फाजिल्का की रहने वाली मनप्रीत कौर और राजवंत कौर सेक्टर-22 की कोठी नंबर 2595 में पीजी में रहती थीं। दोनों बहनें जीरकपुर की एक निजी कंपनी में काम करती थीं और पिछले करीब एक साल से इसी मकान में रह रही थीं। आरोपी कुलदीप उनका जानकार था और पहले भी उनके पास आता-जाता रहा था। चोरी से घर में हुआ दाखिल 15 अगस्त, 2019 की सुबह करीब 5.10 बजे, कुलदीप चोरी-छिपे पीजी में दाखिल हुआ। इस दौरान किसी बात को लेकर उसका बहनों से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने चाकू और नुकीली चीज से हमला कर दिया। दोनों बहनों के साथ जमकर हाथापाई हुई, जिसके बाद कुलदीप ने उन्हें बेरहमी से गोदकर मार डाला। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। दोनों बहनों के शव पीजी की टॉप फ्लोर पर पड़े मिले। रक्षाबंधन के दिन जब दोनों बहनों ने अपने भाई का फोन नहीं उठाया और न ही खुद संपर्क किया, तो परिजनों को शक हुआ। रिश्तेदारों को मौके पर भेजा गया। जब वे दोपहर करीब 2 बजे कोठी में पहुंचे, तो अंदर दोनों बहनों के शव पड़े मिले। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। CCTV से हुई पहचान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में आरोपी सुबह 5.09 बजे चोरी-छिपे कोठी में घुसता नजर आया। पुलिस ने यह फुटेज उसी मकान में रहने वाले एक नेपाली युवक को दिखाई, जिसने आरोपी की पहचान कुलदीप के रूप में की और बताया कि वह पहले भी बहनों के पास आता था। पुलिस ने सेक्टर-17 थाने में हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। कुछ दिनों बाद कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया गया। वह पिछले सात साल से जेल में बंद था।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.