चंडीगढ़ सेक्टर-16 हॉस्पिटल में ड्रग डी-एडिक्शन एंड ट्रीटमेंट सेंटर दोबारा शुरू कर दिया गया।
चंडीगढ़ सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (GMSH-16) में ड्रग डी-एडिक्शन एंड ट्रीटमेंट सेंटर (DDTC) को 27 जनवरी 2026 से दोबारा शुरू कर दिया गया है। चंडीगढ़ के हेल्थ सेक्रेटरी मंदीप सिंह बराड़ ने केंद्र का दौरा कर यहां उपलब्ध सुविधाओ
केंद्र में 10 बेड सामान्य मरीजों के लिए और 2 अतिरिक्त बेड महिलाओं व विशेष मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। अब यह केंद्र नशे की लत से जूझ रहे लोगों को भर्ती कर उपचार देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मरीज व उसके परिवार से लिखित सहमति
सबसे पहले मरीज की ओपीडी में डॉक्टर जांच करते हैं और देखते हैं कि वह इलाज के लिए तैयार है या नहीं। भर्ती मरीज की अपनी इच्छा से की जाती है और मरीज व उसके परिवार से लिखित सहमति ली जाती है। इलाज के समय एक परिवार का सदस्य मरीज के साथ रह सकता है, ताकि उसे हौसला और सहारा मिल सके।
हेल्थ सेक्रेटरी मंदीप बराड़ स्टाफ से बात करता हुआ।
केंद्र का वातावरण साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित रखा गया है। मरीजों के लिए रात 10 बजे लाइट बंद करने जैसी नियमित दिनचर्या तय की गई है, जिससे उनमें अच्छी आदतें विकसित हों। इलाज के दौरान ग्रुप थेरेपी, काउंसलिंग और अन्य उपचार गतिविधियां करवाई जाती हैं।
मरीजों के लिए अच्छा माहौल बनाने के लिए अखबार, किताबें, टीवी और खेलने का सामान रखा गया है। नशे की चीजें, मोबाइल जैसे गैजेट और बाहर का खाना लाने की इजाजत नहीं है। नियमों का पालन हो, इसके लिए समय-समय पर जांच की जाती है।
मिलेगी किताबें और पढ़ने का सामान
जांच के दौरान हेल्थ सेक्रेटरी ने कहा कि मरीजों के लिए हौसला बढ़ाने वाली किताबें और पढ़ने का सामान भी रखा जाना चाहिए। प्रशासन ने कहा कि यह सुविधा जल्दी शुरू कर दी जाएगी।
नशा मुक्ति केंद्र के दोबारा शुरू होने से साफ है कि प्रशासन नशे की समस्या को गंभीरता से ले रहा है। यहां इलाज, परिवार का साथ और अच्छा माहौल देकर मरीजों को नई जिंदगी शुरू करने में मदद की जाएगी।
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