ऑनलाइन जॉब फ्रॉड से जुड़े साइबर ठगी मामले में चंडीगढ़ डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुड्डा आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद पेश हो सकते है। पिछली सुनवाई पर ऑनलाइन जॉब फ्रॉड से जुड़े साइबर ठगी मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। हाईकोर्ट उस समय हैरान रह गई, जब सरकारी वकील ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में न तो कोई जानकारी दी है और न ही कोई रिपोर्ट सौंपी है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाती है और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालती है। हाईकोर्ट ने इस लापरवाही को “अस्पष्ट और अस्वीकार्य” बताते हुए चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को खुद अदालत में पेश होकर जवाब देने के आदेश दिए थे। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को होगी। कोर्ट ने यह आदेश ऑनलाइन जॉब फ्रॉड के आरोपी विजय कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। आरोपी ने पार्ट-टाइम जॉब और यूट्यूब वीडियो लाइक करने के नाम पर एक महिला से 10.99 लाख रुपए की ठगी की थी। पुलिस ने मई, 2025 में आरोपी को हिरासत में लिया था। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए ठगी का पूरा मामला…. अब जानिए हाईकोर्ट में सुनवाई में क्या-क्या हुआ… कोर्ट ने अगली सुनवाई पर डीजीपी को किया तलब हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि यूटी चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अगली सुनवाई पर पूरी तैयारी और आवश्यक स्पष्टीकरण के साथ स्वयं अदालत में उपस्थित रहें। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को तय की गई है। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख को यूटी प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है, जिसमें अदालत ने साफ कर दिया है कि बिना निर्देश और तैयारी के पेश होना स्वीकार्य नहीं है।
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