चंडीगढ़ में एवास्टिन पाउडर के कारोबार का झांसा देकर 60 लाख 65 हजार ठगी करने वाले दो गिरफ्तार किए।
एवास्टिन पाउडर के कारोबार का झांसा देकर 60 लाख 65 हजार 883 रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने मध्य प्रदेश से जुड़े दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी फेसबुक प्रोफाइल और वॉट्सऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंस
आरोपियों को साइबर सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर इरम रिजवी की अगुआई में टीम ने पकड़ा है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। साइबर क्राइम पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस ठगी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और देश के अन्य राज्यों में भी इस गिरोह ने इसी तरह की वारदातें की हैं या नहीं।
फर्जी बिजनेस डील कर ठगी
आरोपियों से पूछताछ में साइबर सेल की जांच में सामने आया कि यह गिरोह मेडिकल प्रोडक्ट के नाम पर फर्जी बिजनेस डील कर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था। साइबर सेल ने बताया कि यह मामला सेक्टर-32, चंडीगढ़ निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि सितंबर 2024 में वह फेसबुक पर ‘मॉरिस पॉलिन’ नाम की प्रोफाइल के संपर्क में आया। आरोपी ने खुद को विदेशी कंपनी से जुड़ा बताकर अमेरिका की एक लैब से एवास्टिन पाउडर की सप्लाई का ऑफर दिया।
साइबर ठगों ने मध्यप्रदेश से रची साजिश।
इसके बाद बातचीत वॉट्सऐप और ईमेल पर होती रही। शिकायतकर्ता को भारत में सप्लायर बताते हुए शर्मा इंटरप्राइजेज और मोशन कार्गो इंटरनेशनल के खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। एक किलो दवा की कीमत 99 हजार रुपए बताई गई। 50 किलो माल के नाम पर पहले 13 लाख रुपए लिए गए और बाद में डिलीवरी के बहाने लगातार रकम मांगी जाती रही।
इस तरह आरोपियों ने शिकायतकर्ता से कुल 60 लाख 65 हजार 883 रुपए की ठगी कर ली।
आरोपियों के कई बैंकों में खाते
पुलिस ने जांच के दौरान बैंक खातों की केवाईसी डिटेल खंगाली। इसमें सामने आया कि संस्कार जैन के नाम पर अलग-अलग बैंकों में खाते थे, जिनमें करीब 26.5 लाख रुपए की ठगी की रकम जमा कर निकाली गई। वहीं रबेंद्र कुमार पटेल के खातों में भी ठगी की राशि ट्रांसफर कर निकाल ली गई।
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