चंबा जिले में भरमौर की घाटी में जमी बर्फ।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की चुराह घाटी इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। तापमान में भारी गिरावट के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोत और पेयजल पाइपलाइनें जम गई हैं, जिससे क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न हो गया है।
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कड़ाके की ठंड से पाइपों के भीतर पानी जमने और फैलने के कारण कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइनें फट गई हैं। गुडूंची–थल्ली पेयजल योजना इससे सबसे अधिक प्रभावित हुई है। पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है और वे अपनी जरूरतों के लिए पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं।
बर्फीले इलाकों में काम कर रहे विभागीय कर्मचारी
भीषण ठंड और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद जल शक्ति विभाग के कर्मचारी पेयजल व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। कई स्थानों पर पाइपों के भीतर जमी बर्फ को पिघलाने के लिए आग का उपयोग किया जा रहा है, ताकि जल आपूर्ति फिर से शुरू की जा सके।
जल्द बहाल होगी जल आपूर्ति
जल शक्ति विभाग, तीसा के अधिशासी अभियंता केवल शर्मा ने बताया कि विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। फटी हुई पाइपलाइनें बदली जा रही हैं और जमी हुई लाइनों को खोलने का काम तेजी से चल रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जा सके।
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