जनगणना निदेशक और प्रशासन की दो संयुक्त बैठकों में बुलाने के बाद भी गढ़ी कैंट और क्लेमेंटटाउन कैंट के सीईओ अनुपस्थित रहे। इससे कैंट बोर्ड क्षेत्रों का निर्धारण नहीं हो सका। ऐसे में जनगणना निदेशक ने दोनों सीईओ के खिलाफ जनगणना अधिनियम 1948 के तहत विधिक कार्रवाई की संस्तुति की है।
जिलाधिकारी सविन बंसल की ओर से बताया गया कि गृह मंत्रालय की ओर से जनगणना प्रक्रिया अग्रिम चरण में प्रवेश कर गई है। इसके लिए उन्हें प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है। गृह मंत्रालय ने जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति, उनके साथ नियमित बैठक कर क्षेत्र निर्धारण व अन्य रूप रेखा तैयार करने के लिए कहा है।
दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति
इसी के क्रम में जनगणना निदेशक और जिला प्रशासन की एक संयुक्त बैठक 28 जनवरी को बुलाई गई थी। इसमें गढ़ी कैंट और क्लेमेंटटाउन कैंट सीईओ को भी विधिवत लिखित सूचना देकर बुलाया गया था। उन्हें टेलीफोन के माध्यम से भी सूचना दी गई। बावजूद इसके दोनों अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे।
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इसके बाद 31 जनवरी शनिवार को भी बैठक बुलाई गई। इसके लिए इन दोनों अधिकारियों को 28 जनवरी को ही सूचना दे दी गई थी। इस बैठक में भी दोनों अधिकारी नहीं पहुंचे। दोनों अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जनगणना निदेशक ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। दोनों अधिकारियों के गैरहाजिर होने से कैंट बोर्ड का क्षेत्र निर्धारण भी नहीं हो पाया।
यही नहीं प्रारंभिक कार्यवाही भी शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में निदेशक जनगणना ने इसे लापरवाही मानते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति की है। उनकी संस्तुति के बाद जिला प्रशासन और निदेशक जनगणना ने संयुक्त रूप से जनगणना अधिनियम 1948 की धारा छह, सात और 11 के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इन एक्ट में एक माह के कारावास का प्रावधान है।
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