हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सीबीएसई संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। योजना के तहत इन स्कूलों के विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें इसरो, आईआईटी, आईआईएम और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर भी मिलेगा। इन स्कूलों में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, आईसीटी, कोडिंग और रोबोटिक्स लैब स्थापित की जाएंगी। सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों में वार्षिक ऑडिट, फायर फाइटिंग उपकरण और विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके। इस योजना के तहत चयनित सरकारी स्कूलों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम और उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण मानकों से लैस किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2031-32 तक इन स्कूलों को पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम में तब्दील करना है।
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