मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाने में फिक्स गवाहों के जरिए थोकबंद फर्जी एफआईआर दर्ज कराने का मामला सामने आने के बाद अब पीड़ित खुलकर सामने आ रहे हैं। आरोप है कि ड्राइवर, कुक और थाने की सफाई व्यवस्था से जुड़े लोगों को गवाह बनाकर झूठे केस दर्ज किए गए। इन मामलों में 70 साल के बुजुर्ग से लेकर युवा तक शामिल हैं। खास बात यह है कि सभी प्रकरण नईगढ़ी थाने में एसआई और थाना प्रभारी रहे जगदीश सिंह ठाकुर के कार्यकाल के दौरान दर्ज हुए। पीड़ितों का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष व जमीन विवाद में एक पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए झूठे केस बनाए गए और थाने में मारपीट की गई। एक मामले में जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पीड़ितों को कोर्ट जाना पड़ा। जमीन विवाद के चलते झूठे केस में फंसाया गया; गवाह बना थाने का वाहन चालक
नईगढ़ी थाने से 20 किमी दूर रामपुर चौकी प्रभारी मन्ने खान ने 4 फरवरी 2025 की रात 9 बजे नंदकुमार तिवारी(70) के कोट स्थित घर पर दबिश दी। नंदकुमार को थाने लाया गया। मौके से 5 लीटर पेट्रोल बरामद हुआ, जिसे बाइक में भरने के लिए लाया गया था। नंदकुमार के पोते अरुण तिवारी का आरोप है कि जगदीश सिंह ठाकुर ने पेट्रोल की जगह अवैध शराब जब्ती का केस दर्ज करा दिया। अरुण के मुताबिक, मन्ने खान ने भी फोन पर पेट्रोल मिलने की पुष्टि की थी। जमीन विवाद के चलते परिवार को झूठे केस में फंसाने का आरोप है। दबाव बढ़ने पर बुजुर्ग को रात करीब दो बजे छोड़ा गया। मामला अभी कोर्ट में है। इसमें थाने के ड्राइवर अमित कुशवाहा को गवाह बनाया है।
भोपाल में पदस्थ आरक्षक के कहने पर युवक को थाने में पीटा
ग्राम जमुहरा निवासी अंशु द्विवेदी को 29 जून 2023 को नईगढ़ी थाना बुलाया गया। शाम करीब 7.30 बजे थाने पहुंचते ही तत्कालीन थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर और तीन पुलिसकर्मियों ने गालियां दीं और उसे लॉकअप में बंद कर दिया। इसके बाद अंशु के साथ मारपीट की गई। अंशु का आरोप है कि ठाकुर ने यह कहकर पीटा कि उसने भोपाल में पदस्थ उनके साथी पुलिसकर्मी को परेशान किया है। जमीन विवाद में फंसाने का भी आरोप है। सूचना पर सरपंच समेत अन्य लोग थाने पहुंचे, तब रात करीब 2 बजे उसे छोड़ा गया। एसडीओपी जांच में आरोप सही पाए गए, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद अंशु ने कोर्ट में परिवाद दायर किया। शिकायत करने पर ही दर्ज करा दिया डकैती का केस
फर्जी गवाहों और एफआईआर के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले कुंज बिहारी तिवारी ने बताया कि उन्होंने 2022 में डीजीपी, रीवा आईजी और एसपी से शिकायत की थी। इसके बाद 19 मई 2025 को नईगढ़ी थाने में उनके खिलाफ डकैती का केस दर्ज कर दिया गया। तिवारी के मुताबिक वे 17 से 20 मई तक शहर से बाहर थे, जिसके प्रमाण उनके पास हैं। इस फर्जी केस की उन्होंने कई जगह शिकायत की और अंततः हाईकोर्ट से स्टे मिला। आरटीआई से सामने आया कि जगदीश सिंह ठाकुर ने फिक्स गवाहों के जरिए कई फर्जी एफआईआर दर्ज कीं। अब तिवारी जनहित याचिका की तैयारी कर रहे हैं। फिक्स गवाहों के जरिए दर्ज मामलों की जांच की जा रही : एसडीओपी नईगढ़ी थाने में फिक्स गवाहों के जरिए दर्ज मामलों की जांच की जा रही है। कुछ फरियादी सामने आए हैं। एक जैसे गवाहों वाले मामलों की पड़ताल हो रही है। जांच शुरुआती चरण में है। जल्द संबंधितों के बयान दर्ज किए जाएंगे।- सचि पाठक, एसडीओपी एवं जांच अधिकारी
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