आदिवासी बाहुल्य जिले शहडोल का विचारपुर गांव, जोकि अब मिनी ब्राजील के नाम से मशहूर हो चुका है, अब इसकी पहचान देश ही नहीं विदेशी खिलाड़ियों के बीच हो चुकी है। शायद इसी वजह से अपनी भारत यात्रा पर आए कंबोडिया के फुटबॉल कोच चार्ली पॉमरोय भी विचारपुर के इस मिनी ब्राजील को देखने शहडोल पहुंच गए। यहां सहायक संचालक खेल और एनआईएस फुटबाल कोच रईस अहमद ने उनकी स्थानीय खिलाड़ियों से गुरुवार को मुलाकात कराते हुए उन्हें इस छोटे से गांव से मिनी ब्राजील तक के सफर से अवगत कराया।कंबोडिया से आए कोच भी इन खिलाड़ियों से मिलकर बेहद खुश हो गए। उन्होंने बताया कि वह दशकों से फुटबाल खेल से जुड़े हुए हैं। मैंने कुछ समय पहले सुना था कि इण्डिया के किसी छोटे से गांव में बहुत ही होनहार फुटबाल खिलाड़ी मौजूद हैं, जो कि जर्मनी का भी सफर कर चुके हैं। अभी मैं फुटबाल कोचिंग के सिलसिले में इण्डिया के हरियाणा के हल्दवानी आया था। तब एक बार फिर मेरे अंदर इस मिनी ब्राजील को देखने की चाहत हुई और मैं हरियाणा से यहां चला आया।
शहडोल के इस मिनी ब्राज़ील की धरती पर कंबोडिया फुटबॉल टीम के कोच चार्ली पॉमरोय का पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया गया। उन्होंने ग्राम विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके जुनून, अनुशासन एवं प्रतिभा की सराहना की। कोच पॉमरोय ने खिलाड़ियों के स्किल डेवलपमेंट एवं टेक्निक डेवलपमेंट को और सशक्त बनाने हेतु संरचित प्रशिक्षण प्रणाली, पाठ्यक्रम एवं सिलेबस के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण दिए जाने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर सहायक संचालक खेल, एनआईएस फुटबॉल कोच रईस अहमद, राजीव श्रीवास्तव (सीएसआर हेड, रिलायंस सीबीएम प्रोजेक्ट), अनिल सिंह, लक्ष्मी सहाय सहित अन्य कोच तथा बड़ी संख्या में फुटबॉल खिलाड़ी उपस्थित रहे।