Cabbage Pest Control In Winter: सरगुजा जिले में सर्दियों की प्रमुख फसल पत्ता गोभी पर इन दिनों कीटों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. कीटों के कारण फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो रहा है. कृषि विशेषज्ञों ने बताए देसी उपाय जिसे अपनाकर किसान पत्ता गोभी की फसल को सुरक्षित रख सकते हैं.
ठंडी मौसम की अहम सब्जी है पत्ता गोभी
कृषि विशेषज्ञ संजय यादव ने लोकल 18 को बताया कि पत्ता गोभी ठंडी मौसम में लगाई जाने वाली एक प्रमुख फसल है, जिसे बड़ी संख्या में किसान उगाते हैं. पोषण से भरपूर होने के कारण इसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है, लेकिन यदि समय रहते रोग और कीटों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं.
पत्ता गोभी में काला सड़न ब्लैक रॉट सबसे खतरनाक रोग
संजय यादव ने बताया कि पत्ता गोभी में सबसे गंभीर रोग काला सड़न (ब्लैक रॉट) है. इस रोग में पत्तियों के किनारों पर पहले वी (V) आकार के पीले धब्बे दिखाई देते हैं, जो धीरे-धीरे काले पड़ जाते हैं और सड़न का रूप ले लेते हैं. यह रोग तेजी से फैलता है और पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है.
डाउन मिल्ड्यू और क्लब रूट भी बनते हैं बड़ी समस्या
कृषि एक्सपर्ट ने बताया कि ब्लैक रॉट के अलावा पत्ता गोभी में डाउन मिल्ड्यू और क्लब रूट रोग का भी काफी प्रभाव देखा जाता है. क्लब रूट रोग में पौधों की जड़ों में गांठें बन जाती हैं, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण रुक जाता है. इसका परिणाम यह होता है कि पौधे की बढ़वार रुक जाती है और फसल अच्छी नहीं हो पाती. वहीं पत्तियों पर काले धब्बे पड़ने से सड़न की समस्या और बढ़ जाती है.
फफूंदजनित रोगों से बचाव के उपाय
इन रोगों की रोकथाम के लिए संजय यादव ने किसानों को कार्बेन्डाजिम+मैंकोजेब फंगीसाइड के छिड़काव की सलाह दी. उन्होंने बताया कि क्लब रूट सहित अन्य फफूंदजनित रोगों से बचाव के लिए 15 से 20 दिन के अंतराल पर नियमित रूप से फंगीसाइड का छिड़काव करना आवश्यक है.
पत्ता गोभी में लगने वाले प्रमुख कीट
संजय यादव ने बताया कि पत्ता गोभी में कई प्रकार के कीट भी नुकसान पहुंचाते हैं. इनमें डायमंड बैक मॉथ, पत्ती छेदक कीट और माहू (एफिड) प्रमुख हैं. ये कीट पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को कम कर देते हैं.
कीट नियंत्रण के लिए रासायनिक और जैविक उपाय
संजय यादव ने बताया कि कीटों के नियंत्रण के लिए किसानों को क्लोरोपायरीफॉस या पर्मेथ्रिन जैसे सामान्य कीटनाशकों के छिड़काव की सलाह दी गई है. वहीं जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए संजय यादव ने नीम ऑयल (नीम तेल) को एक प्रभावी विकल्प बताया. नीम तेल के छिड़काव से कीटों पर नियंत्रण होता है और फसल पर किसी प्रकार का हानिकारक प्रभाव भी नहीं पड़ता.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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