बुरहानपुर में अनैतिक देह व्यापार के मामले में कोर्ट ने सोमवार को चार आरोपियों को अलग-अलग सजा सुनाई है। इन आरोपियों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जिन्हें पुलिस की दबिश के बाद पकड़ा गया था। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अनिलसिंह बघेल ने बताया कि 13 अगस्त 2023 को शिकारपुरा थाने में पदस्थ विवेचना अधिकारी कमल पंवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शिकारपुरा क्षेत्र की एक गली में देह व्यापार चल रहा है। इस सूचना पर आरक्षक विजय को सिविल ड्रेस में मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम, जिसमें उपनिरीक्षक सखाराम पगारे, अर्चना चौहान, विजय पाटीदार और आरक्षक ज्योति शामिल थे, शिकारपुरा में एक मकान के पीछे पहुंची। खिड़की की दरार से देखने पर अंदर सिविल ड्रेस में गए पुलिसकर्मी विजय से एक महिला बातचीत करती और उसे नोट देती दिखी। पूछताछ में गलत काम की बात स्वीकारी
इसके बाद टीम और पंचों ने मकान का दरवाजा खटखटाया। वहां मौजूद एक महिला से पूछताछ की गई। घर के दूसरे कमरों में दो अन्य महिलाएं और एक पुरुष पलंग पर संदिग्ध अवस्था में अर्धनग्न पाए गए। पुरुष आरोपी ने अपना नाम मूलचंद पिता बजरंग लाल बताया। पूछताछ में मूलचंद ने 500-500 रुपए लेकर गलत काम करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सभी दोषियों को सजा मिली
अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। पहली महिला आरोपी को धारा 3 अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 में एक वर्ष का कठोर कारावास और 2000 रुपए का अर्थदंड, धारा 4 में छह माह का साधारण कारावास और 500 रुपए का अर्थदंड, तथा धारा 5 में तीन वर्ष का कारावास और 1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। दूसरी महिला आरोपी को धारा 4 में छह माह का कारावास और 500 रुपये का अर्थदंड दिया गया। तीसरी महिला आरोपी को धारा 4 में छह माह का साधारण कारावास और 500 रुपए का अर्थदंड मिला। पुरुष आरोपी मूलचंद को धारा 5 अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम में तीन वर्ष का साधारण कारावास और 1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अनिलसिंह बघेल, सुश्री उषा इंगले, राधेश्याम वास्केल द्वारा की गई जिस पर से न्यायालय द्वारा आरोपियों को दंडित किया गया।
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