हल्द्वानी में केंद्र सरकार के नए बजट ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख कच्चे माल पर सीमा शुल्क में छूट और राहत की घोषणा के बाद ई-वाहनों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि बजट की इस सौगात से शहर की सड़कों पर ई-वाहनों की रफ्तार और तेज होगी।
पिछले दो-तीन वर्षों में हल्द्वानी के ऑटोमोबाइल बाजार की तस्वीर तेजी से बदली है। कभी लग्जरी माने जाने वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर अब रोजमर्रा की जरूरत बनते जा रहे हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतें, कम मेंटेनेंस खर्च और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के चलते युवा और कामकाजी वर्ग तेजी से ई-मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है।
बजट 2026-27 में सरकार ने बैटरी निर्माण को घरेलू स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में राहत जारी रखने और कुछ मदों में कटौती की घोषणा की है। इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ेगा जिससे ई-वाहन कंपनियां कीमतें कम कर सकती हैं। इससे उपभोक्ताओं कीमत कम होने के साथ ही परिचालन खर्च में बचत का दोहरा फायदा मिलने की संभावना है। संवाद
एक साल में 2239 ई-वाहन पंजीकृत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैटरी लागत घटती है तो ई-वाहन आम उपभोक्ता की पहुंच में और तेजी से आएंगे और यही बजट का सबसे बड़ा असर होगा। शहर के शोरूम संचालकों के अनुसार, ई-वाहनों की मांग पहले से ही मजबूत बनी हुई है। आरटीओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बीते एक साल में 2239 ई-व्हीकल पंजीकृत हुए हैं।
क्या कहते हैं शोरूम वाले
पिछले दो साल में कंपनी के करीब 800-900 वाहन बिक चुके हैं और बजट घोषणा के बाद मांग और बढ़ने की उम्मीद है। – दीपक मेहरा, ओला शोरूम मैनेजर
पहले ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ मिलता था, अब बजट राहत के बाद कीमतों में संभावित कमी से खरीद और आसान होगी। – तबरेज अख्तर, हीरो शोरूम मैनेजर
ईवी सेक्टर के लिए बजट की घोषणाएं गेमचेंजर साबित हो सकती हैं और आने वाले महीनों में बिक्री ग्राफ ऊपर जा सकता है। – देवेंद्र रावत, काइनेटिक और सिंघम शोरूम मैनेजर
पिछले दो तीन-सालों से शहर के ऑटोमोबाइल मार्केट की तस्वीर बदली है। इसमें ओला ने पिछले दो साल में करीब 800-900 गाड़ियां बेची हैं। काइनेटिक एवं सिंघम ने 200-250 गाड़ियों का आंकड़ा पार किया है। बजाज ने एक साल में 180 और हीरो ने करीब 80 दोपहिया वाहन सड़कों पर उतारे हैं।
शहर में चार्जिंग स्टेशन की कमी
इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है लेकिन शहर में इन गाड़ियों के लिए पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन नहीं हैं। अधिकतर चार्जिंग स्टेशन बड़ी कंपनियों के शोरूम में ही हैं जहां इनके वाहनों की फ्री चार्जिंग की व्यवस्था है। ऐसे में अधिकतर लोग घरों में ही वाहन चार्ज करते हैं। नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि हल्द्वानी में ईवी चार्जिंग स्थल का प्रस्ताव बनाया गया है। इसके लिए जमीन तलाशी जा रही है।
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