विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल व शून्यकाल के दौरान पक्ष व विपक्ष के बीच कई बार हल्की नोक-झोंक चलती रही। यही नहीं, सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों से तीखे पूरक प्रश्न पूछे, मंत्रियों ने प्रश्नों पर जमकर जवाब दिया। जबकि स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को सीट पर बैठने की हिदायत दी। असल में चिकित्सा संबंधी एक प्रश्न के लिए स्पीकर देवनानी की ओर से कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा को पूरक प्रश्न पूछने का मौका दिया गया। जैसे ही डोटासरा खड़े हुए, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग भी खड़े हो गए और उन्होंने स्पीकर की व्यवस्था पर ही सवाल उठा दिए। इस पर स्पीकर ने कहा- मैंने अनुमति दी है। इस पर गर्ग फिर बोले – मुझे ऐतराज है। पिछले 7 साल से यह व्यवस्था चल रही है कि संबंधित प्रश्नकर्ता के अलावा केवल नेता प्रतिपक्ष को ही पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति होती है। आप इनको क्यों अनुमति देते हैं। समझ में नहीं आ रहा। यह गलत है। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बोले- आसन की व्यवस्था है। पहले भी आसन की ही व्यवस्था थी और आज भी आसन की ही व्यवस्था है। विधानसभा में कार्रवाई शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायक दल की बैठक ली। पटेल से बोले जूली- हर सवाल का एक ही जवाब देते हो विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कानून मंत्री जोगाराम पटेल और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच नोकझोंक हो गई। बीजेपी विधायक आदूराम मेघवाल के चौहटन कोर्ट परिसर में वकीलों के लिए चैंबर और फरियादियों से जुड़ी सुविधाओं के सवाल पर कानून मंत्री ने जवाब दिया कि अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जितने केस आए उससे ज्यादा डिस्पोजल हुए हैं, पेंडेंसी कम हुई है। इस पर नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि हर सवाल का सेम जवाब, मंत्री तो ऐसा ही होना चाहिए। जिस भी विधायक ने कोर्ट खोलने पर सवाल लगाया उसे एक ही जवाब देते हैं, आप घोषणा पूरी करने की डेडलाइन नहीं बता रहे। इस पर पटेल ने हमला किया- हमारी पार्टी अपने ही प्रदेशाध्यक्ष को उन शब्दों से नहीं पुकारती जैसा आपके सीएम ने आपकी ही पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष को पुकारा था। इस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने पटेल को टोकते हुए कहा- प्रश्नकाल में बहस नहीं कर सकते, मंत्री जी मैं कुछ कह रहा हूं आप बहस कर रहे हैं। आप दोनों के बीच अच्छी मित्रता है, लेकिन आज आखिरी दिन यहां प्रदर्शित मत करो। अध्यक्ष कुछ कहे तो उस पर भी ध्यान देना चाहिए। रामकेश ने आरएसएस का नाम लिया, हंगामा
आमागढ़ किले पर आरएसएस के भगवा ध्वज फहराने के जिक्र पर हंगामा हो गया। रामकेश मीणा ने कहा कि मैंने आंदोलन किया। आमागढ़ पर आरएसएस का भगवा झंडा फहरा दिया था। मैं आमागढ़ और मंदिर के जीर्णोद्धार का सवाल पूछ रहा हूं। इस पर मंत्री संजय शर्मा बोले- रामकेश मीणा ने इसी सदन में खुद को हिंदू होने से इनकार किया था। यह सनातन के ध्वज को लेकर चलने वाली सरकार है। आमागढ़ तक रास्ता बनाएंगे। आमागढ़ में पिछली सरकार के दौरान मौजूदा मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ध्वज फहराना चाहते थे लेकिन आपकी सरकार ने उन्हें रोक दिया था। कुंभलगढ़ व टॉडगढ़ रावली में नए सफारी
वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि कुंभलगढ़ एवं टॉडगढ़-रावली अभयारण्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो नए सफारी मार्ग प्रस्तावित हैं, जिनमें कालीघाट से भीलभेरी और फुलास से गोरम घाट शामिल हैं। यहां वर्तमान में कुंभलगढ़ अभयारण्य में 2 सफारी मार्ग बीड़ की भागल से आरेट का फाटक तथा रणकपुर से मुछाला महावीर-घाणेराव विद्यमान हैं। इसी प्रकार टॉडगढ़-रावली में भी प्लेनी से मोडिया रावली एवं गोमथड़ा से गोरम घाट तक 2 सफारी मार्ग हैं।’
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