बोकारो के सेक्टर-4 इलाके में मंगलवार सुबह एक बस की चपेट में आने से 49 वर्षीय धनेश्वर यादव की मौत हो गई। वह हजारीबाग रोड के निवासी थे और बोकारो में भेलपुरी का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। धनेश्वर यादव मंगलवार सुबह शौच के लिए अपने घर से निकले थे। इसी दौरान उनके घर के ठीक सामने डीपीएस स्कूल की एक तेज रफ्तार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। करीब 35-40 साल पहले धनेश्वर यादव रोज़ी-रोटी की तलाश में हजारीबाग रोड से बोकारो आए थे। उन्होंने सेक्टर-4F के पास एक झोपड़ीनुमा आवास बनाकर अपना परिवार बसाया था। उनके दो बेटे हैं: बड़ा बेटा सूरज कुमार आरबीएस कॉलेज से इंटर की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा अमर कुमार इस साल स्वामी विवेकानंद स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा देगा। धनेश्वर यादव परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। ‘बच्चे पढ़ाई पर ध्यान दें, कमाने का काम हम कर लेंगे’
पड़ोसियों के अनुसार, धनेश्वर यादव का परिवार शांत और मिलनसार था। वह अक्सर अपने बेटों से कहते थे कि वे पढ़ाई पर ध्यान दें, कमाने का काम वह कर लेंगे। इसी सपने को पूरा करने के लिए वह सुबह-शाम भेलपुरी बेचते थे। उनका ठेला पुराना था, लेकिन उनके इरादे मजबूत थे। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक फैल गया। इधर, सेक्टर 4 थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि डीपीएस स्कूल के बस चालक हरला निवासी करमचंद मांझी (55) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उस पर रैस ड्राइविंग का मामला दर्ज कराया गया है। डीपीएस स्कूल में नौकरी देने का आश्वासन
मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई। इसमें 50000 नगद बाकी का 1,50,000 चेक दिया गया है साथ ही डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने मृतक की पत्नी और एक बेटे को स्कूल में नौकरी देने का आश्वासन दिया। वहीं, मंगलवार देर शाम को परिजन धनेश्वर यादव के पार्थिव शरीर को उनके गांव हजारीबाग रोड ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
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