दिल्ली की विधानसभा में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा की गई टिप्पणी पर क्लीन चिट देने पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि एक वीडियो की क्लीन चिट एक ही दिन में दे दी जाती है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मा
प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में बेअदबी जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर पहले भी सरकारें गिर चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही।
भाजपा नेता ने कहा कि गुरु साहिबानों के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारा समाज ऐसी बातों को कभी माफ नहीं करता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कहकर विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया, लेकिन जिस कमेटी के गठन का दावा किया गया था, उसका आज तक कोई अता-पता नहीं है। दूसरे सत्रों की तरह यह स्पेशल सेशन भी बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गया।
भाजपा ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर गुरु साहिबानों के खिलाफ बयान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में सरकार की भूमिका संदिग्ध है। इस पर जालंधर पुलिस द्वारा कराई गई फॉरेंसिक जांच को लेकर भी भाजपा ने सवाल उठाए। उन्हाेंने कहा कि पुलिस यह दावा कर रही है कि वीडियो में “गुरु” शब्द जोड़ा गया है, जबकि आतिशी कुत्तों के सम्मान से जुड़ी टिप्पणी को तो स्वीकार कर रही हैं, लेकिन गुरु साहिबानों से जुड़ी बात से इनकार कर रही हैं। जबकि विधानसभा में चर्चा गुरु साहिबानों के सत्कार और सम्मान को लेकर हो रही थी।
उन्होंने कहा कि वह किसी को फांसी देने की बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन इतने संवेदनशील और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे पर सरकार को स्पेशल सेशन बुलाकर खुले और गंभीर स्तर पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस मामले से जुड़ी कुल तीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, तो सिर्फ एक दिन में जांच पूरी कर परिणाम कैसे जारी कर दिया गया।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से सीधा सवाल किया कि जब तीन अलग-अलग वीडियो सामने आई हैं, तो केवल एक वीडियो की जांच क्यों करवाई गई। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने एसएसपी पटियाला से जुड़ी वायरल वीडियो की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री से जुड़ी एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार घूम रही है, लेकिन उस पर भी कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।
भाजपा का कहना है कि अगर सरकार दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जुड़ी वीडियो को क्लीन चिट दे रही है, तो सभी वीडियो की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि हाईकोर्ट इस पूरे मामले का स्वतः संज्ञान ले और यह स्पष्ट करे कि अब तक वीडियो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस मुद्दे पर स्पष्ट और सख्त रुख नहीं अपनाया, तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी। इसी कड़ी में भाजपा ने ऐलान किया है कि 16 जनवरी को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन गुरु साहिबानों के सम्मान और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए किया जाएगा।
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