सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू
एसोसिएशन के फैसले के तहत अब हेलमेट, बुर्का, नकाब, घूंघट या किसी भी प्रकार से चेहरा ढंककर आने वाले लोगों को सराफा दुकानों के भीतर प्रवेश नहीं मिलेगा. सराफा व्यापारियों का कहना है कि कई बार अपराधी चेहरा ढंककर दुकान में घुसते हैं, जिससे बाद में उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है.
सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष का बयान
छत्तीसगढ़ प्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि यह फैसला व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. उन्होंने कहा कि सराफा दुकानों में बड़ी मात्रा में कीमती आभूषण होते हैं, ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं.
ग्राहकों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
ग्राहक सोनाली सिंह ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि ज्वेलरी शॉप में चेहरा ढंककर आने वाले लोगों को देखकर अक्सर डर लगता था. कई बार बुर्का या नकाब पहनकर अपराधों को अंजाम दिया जाता है और कैमरों में पहचान भी नहीं हो पाती. उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद अब ग्राहक खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे.
कर्मचारियों ने भी फैसले को बताया राहत भरा
ज्वेलरी शॉप में कार्यरत भारती यादव ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से इस क्षेत्र में काम कर रही हैं. कई बार चेहरा ढंककर आने वाले ग्राहकों को सामान दिखाने में डर बना रहता था. उन्होंने कहा कि बिलासपुर में पहले भी ज्वेलरी शॉप में लूट और हथियार के साथ घुसने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं. अब इस फैसले से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और ग्राहकों से आमने-सामने बातचीत करना भी आसान होगा.
अपराधों पर लगाम लगाने की उम्मीद
सराफा व्यापारियों का मानना है कि इस नियम से न सिर्फ अपराधियों में डर बनेगा, बल्कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान भी आसान होगी. कुल मिलाकर यह फैसला प्रदेश में सराफा कारोबार को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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