बिलासपुर पुलिस की विशेष शाखा में कार्यरत प्रधान आरक्षकों की बेटियों ने अपनी मेहनत से कमाल कर दिखाया है. स्वाति पैकरा ने पहले प्रयास में सिविल जज परीक्षा पास की, जबकि संध्या कौशिक ने एमबीबीएस में 5 गोल्ड मेडल जीते. स्वाति ने डीपी विप्र लॉ कॉलेज से पढ़ाई की और संध्या ने सिम्स बिलासपुर से एमबीबीएस पूरा किया. दोनों ने परिवार के समर्थन से यह मुकाम हासिल किया. पुलिस विभाग में उनकी सफलता पर खुशी का माहौल है. संध्या अब हैदराबाद के केयर हॉस्पिटल में रेडियोलॉजी पीजी कर रही हैं. यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है.
बिलासपुर में दो बेटियों ने कमाल कर दिया है.
उन्होंने नए आपराधिक कानूनों जैसे भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर विशेष ध्यान केंद्रित किया. रोजाना 6 से 7 घंटे की नियमित पढ़ाई और पिछले 5 वर्षों से लगातार फोकस ने उन्हें यह सफलता दिलाई. स्वाति कहती हैं कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता की बदौलत है, खासकर पिता उनकी प्रेरणा के स्रोत हैं. पुलिस विभाग में उनकी सफलता पर गर्व का माहौल है और कई अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है. यह कहानी न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल है बल्कि दिखाती है कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बन सकती.
बिना किसी कोचिंग के एमबीबीएस की पढ़ाई, स्टेट टॉपर 5 गोल्ड मेडल जीते
इसी परिवार की दूसरी बेटी डॉ. संध्या पैकरा ने भी अपनी मेहनत से चिकित्सा क्षेत्र में झंडे गाड़े हैं. उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई में 5 गोल्ड मेडल जीते और स्टेट टॉपर रहीं. बिना किसी कोचिंग या अतिरिक्त ट्यूशन के यह सफलता हासिल करना उनके समर्पण को दर्शाता है. संध्या फिलहाल रेडियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स कर रही हैं और भविष्य में एक कुशल रेडियोलॉजिस्ट बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. उनके पिता सतलोक पैकरा, जो स्पेशल ब्रांच में चालक के रूप में कार्यरत हैं, ने दोनों बेटियों को शिक्षा पर फोकस करने के लिए प्रोत्साहित किया. मां मनप्यारी देवी पैकरा ने घरेलू जिम्मेदारियों के साथ उनकी पढ़ाई का ख्याल रखा. संध्या की सफलता में उनके स्वाध्याय की बड़ी भूमिका रही. उन्होंने मेडिकल की तैयारी के दौरान किताबों और ऑनलाइन संसाधनों पर भरोसा किया. स्टेट टॉपर बनने के बाद उन्हें कई पुरस्कार मिले, जो उनके परिवार के लिए गर्व की बात है. दोनों बहनों की कहानी बताती है कि ग्रामीण या सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें पूरा कर सकते हैं. पुलिस महकमे में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह है और यह अन्य कर्मचारियों की संतानों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी है.
स्वाति पैकरा: कानून की दुनिया में नया सितारा
स्वाति पैकरा की यात्रा डीपी विप्र लॉ कॉलेज से शुरू हुई जहां उन्होंने बीए-एलएलबी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. पैरालीगल वॉलंटियर के रूप में काम करते हुए उन्होंने व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया जो परीक्षा में काम आया. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा आयोजित सिविल जज परीक्षा में 2024 के रिजल्ट में उनका नाम शामिल होना उनके 5 साल के समर्पण का फल है. उन्होंने नए कानूनों पर फोकस किया जो हाल ही में लागू हुए हैं. स्वाति का मानना है कि नियमित पढ़ाई और परिवार का समर्थन सफलता की कुंजी है. उनकी सफलता से बिलासपुर के लॉ स्टूडेंट्स में नई ऊर्जा आई है.
डॉ. संध्या पैकरा: मेडिकल फील्ड की चमकती स्टार
डॉ. संध्या ने एमबीबीएस में न केवल टॉप किया बल्कि 5 गोल्ड मेडल भी जीते. बिना कोचिंग के यह उपलब्धि हासिल करना दुर्लभ है. उन्होंने बताया कि रोजाना अध्ययन और सेल्फ स्टडी से यह संभव हुआ. अब पीजी में रेडियोलॉजी स्पेशलाइजेशन कर रही हैं, जो डायग्नोस्टिक इमेजिंग में विशेषज्ञता प्रदान करेगा. उनकी सफलता स्वास्थ्य क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक कदम है. पिता सतलोक पैकरा ने अपनी ड्यूटी के साथ बेटियों की शिक्षा पर ध्यान दिया. वे कहते हैं कि बेटियां बेटों से कम नहीं होतीं. मां ने घर संभाला जिससे बेटियां फोकस कर सकीं. यह परिवार आदिवासी समुदाय से है और उनकी सफलता समुदाय के लिए प्रेरणा है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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