छत्तीसगढ़ में आज सीएम विष्णु देव साय ने गौधाम योजना शुरू की. इसके तहत 29 गौधामों का उद्घाटन हुआ. इधर इसको लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता धनंजय सिंह ठाकुर ने इसे हवाबाजी बताया है. उन्होंने कहा कि बीते सवा दो साल में सिर्फ तीन गौधाम बने हैं. वहीं, 1.84 लाख मवेशी सड़कों पर भूखे भटक रहे. जबकि योजना से चरवाहों को रोजगार और पशुओं को आशियाना मिलेगा, ऐसा दावा किया गया था. दरअसल हाईकोर्ट के आदेश पर बनी यह योजना अब सियासी घमासान का केंद्र बन गई है.
छत्तीसगढ़ में गौधाम योजना को लेकर कांग्रेस ने बड़े आरोप लगाए हैं.
छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गोधन न्याय योजना ने 10,000 गोठान बनाए थे, जिनमें से 7,000 आत्मनिर्भर और महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के लिए दिए गए थे. कांग्रेस ने कहा है कि साय सरकार ने उसे बंद कर गौधाम योजना लाकर “नई शुरुआत” का दावा किया है. कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि “सरकार की गौधाम योजना हवा-हवाई और फर्जी विज्ञापनबाजी है. सवा दो साल में मात्र 11 पंजीकृत, सिर्फ तीन बने. आज करीब 1.84 लाख से ज्यादा मवेशी सड़कों पर भूखे-प्यासे भटक रहे हैं.” वहीं सीएम विष्णु देव साय का जवाब है- “गौधाम योजना से पशु सुरक्षा के साथ चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.” कृषि मंत्री रामविचार नेताम और गौसेवा आयोग अध्यक्ष विशेषर पटेल भी इस लॉन्च को “हाईकोर्ट आदेश का पालन” बता रहे हैं.
29 गौधामों का उद्घाटन: तथ्य और सरकारी वादे
आज के लॉन्च में राज्य के 11 जिलों में 29 गौधाम सक्रिय हो गए. प्रत्येक गौधाम की क्षमता 200 मवेशियों की है, यानी शुरुआत में करीब 5,800 पशुओं को छत मिलेगी. योजना का लक्ष्य विकासखंडवार 10-10 गौधाम बनाकर कुल 1,460 तक पहुंचाना है. चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रतिमाह मानदेय, चारे के लिए पहले साल 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु (दूसरे साल 20, तीसरे 30 और चौथे से 35 रुपये). प्रति गौधाम 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए और 47,000 रुपये प्रति एकड़ चारा विकास के लिए देने की बात कही गई है. सीएम साय ने कहा, “यह योजना सड़क दुर्घटनाएं रोकेंगी और गौ-उत्पादों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगी.”
कांग्रेस का हमला: दावा कागजी, सरकारी जमीन पर कब्जे की साजिश
धनंजय सिंह ठाकुर ने सीधा हमला बोल दिया कि “1460 गौधाम का दावा कागजी है. इसके पीछे भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों को सरकारी जमीन कब्जाने की साजिश है. कांग्रेस शासन में 10,000 गोठान बने, 7,000 आत्मनिर्भर थे. भाजपा ने इन पर ताला लगाकर महिला समूहों का रोजगार छीना है.” उन्होंने ₹10 वाले चारे पर भी व्यंग्य किया- “इसमें पशु का पेट कैसे भरेगा?” कांग्रेस का आरोप है कि 1,84,993 मवेशियों में सिर्फ 600 को जगह मिली, बाकी सड़कों पर हादसों का शिकार हो सकते हैं. दरअसल हाईकोर्ट ने सड़क हादसों पर स्वत: संज्ञान लिया था, इसलिए साय सरकार को एक्शन लेना पड़ा. लेकिन कांग्रेस इसे “चुनावी हवा” बता रही है. गौधाम योजना से हजारों चरवाहों को रोजगार मिलेगा, जैविक खेती को बढ़ावा, गौ-मूत्र और गोबर से उद्योग बनेगा. लेकिन अगर 29 से आगे प्रगति नहीं हुई तो ठाकुर का तंज सही साबित होगा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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