बिहार से 40 दिन दूर रहने के बाद पटना लौटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पहले 100 दिन तक
, लेकिन अब उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया के जरिए तेजस्वी ने बढ़ते भ्रष्टाचार, अपराध और महिला अत्याचार को लेकर एनडीए सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि भ्रष्ट तंत्र व मशीनरी से बनी डबल इंजन की एनडीए सरकार अब अत्याचारियों, भ्रष्टाचारियों, अपराधियों और बलात्कारियों का विश्वसनीय उपकरण बन चुकी है।
“नीतीश सरकार महिलाओं पर जुल्म कर रही”
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि वोट खरीदी से बनी असंवेदनशील नीतीश सरकार पूरे बिहार में नाबालिग बच्चियों, छात्राओं, बेटियों और महिलाओं पर जुल्म कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता संरक्षित अपराधों पर सरकार के कर्ता-धर्ता चुप्पी साधे हुए हैं और महात्मा बनने का स्वांग रच रहे हैं। तेजस्वी ने मधेपुरा, खगड़िया और पटना की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये मामले सरकार की संवेदनहीनता और अमानवीय रवैये को उजागर करते हैं।
“सत्ता संरक्षित लीपापोती की जा रही”
राजद नेता ने आरोप लगाया कि मधेपुरा में विधवा महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या, खगड़िया में 4 वर्षीय बच्ची के साथ जघन्य अपराध और पटना में नीट छात्रा की हत्या जैसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन मामलों में सत्ता संरक्षित लीपापोती की जा रही है।
पुलिस पर तेजस्वी ने उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पटना और खगड़िया में जब लोग विरोध करने सड़क पर उतरे, तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। वहीं, अपराधियों के साथ नरमी बरती जा रही है। उन्होंने पूछा कि पीड़ितों के लिए आवाज उठाना क्या अब अपराध हो गया है?
मुख्यमंत्री की चुप्पी आपराधिक है
तेजस्वी ने कहा कि बिहार की विधि व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और मुख्यमंत्री की चुप्पी आपराधिक है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद मीडियाकर्मियों को भी याद नहीं होगा कि मुख्यमंत्री ने आखिरी बार मीडिया से संवाद कब किया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सत्ता संरक्षित अपराध नहीं रुके, तो जनता खुद सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ना जानती है।
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