देश-दुनिया में योगगुरु के रूप में चर्चित बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि योग पीठ (ट्रस्ट) बिहार में भी आरोग्यशाला और अन्य प्रकल्प समेत विविध गतिविधियों का संचालन करेगी। इन गतिविधियों का संचालन औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड के चपरा में होगा। इसके लिए पतंजलि को 100 एकड़ भूमि दान में उपलब्ध कराई गई है। यहां वर्तमान में भारतीय जन सेवा परिषद के संस्थापक सह अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह श्री श्री पंचदेव धाम के रूप में कई तरह के प्रकल्प चला रहे थे। अब उन्होने पंचदेव धाम के सभी प्रकल्प समेत समस्त सौ एकड़ भूमि पतंजलि के नाम कर स्वयं को पंचदेव धाम के सभी दायित्वों से मुक्त कर लिया है और 15 जनवरी से वे सभी दायित्वों से विधिवत रूप से मुक्त हो जाएंगे। इसके बाद पंचदेव धाम का संचालन पतंजलि द्वारा किया जाएगा। साथ ही पूर्व के प्रकल्पो को आगे बढ़ाने के साथ ही नए प्रकल्प भी शुरू किए जाएंगे।
पंचदेव धाम में अभी चल रहे ये प्रकल्प
वर्तमान में पंचदेव धाम में पंचदेव मंदिर है, जिसमें विभिन्न देवी-देवताओं के विग्रह स्थापित है। साथ ही यहां गौशाला का संचालन और रसायन रहित प्राकृतिक जैविक खेती हो रही है। इसके अलावा यहां दीपावली के मौके पर गोबर के दीएं और रक्षाबंधन के त्योहार पर गोबर की राखियां भी तैयार की जाती है। इस तरह की गतिविधियों का संचालन पिछ्ले 21 वर्ष से हो रहा है।
पतंजलि की संचालन समिति में नही रहेंगे अशोक सिंह
पंचदेव धाम के संस्थापक अशोक सिंह ने बताया कि बाबा रामदेव से कई बार की मुलाकातों के बाद उन्होंने पंचदेव धाम समेत धाम की समस्त 100 एकड़ भूमि पतंजलि को दान दे दी है। उन्होंने अखबारों में तीन बार सार्वजनिक घोषणा कर इसकी जानकारी भी सर्वसाधारण को दे दी है। घोषणा के माध्यम से उन्होने यह अपील भी की कि 15 जनवरी के बाद भारतीय जन सेवा परिषद के सभी सदस्य इस्तीफा दे देंगे तथा पतंजलि योग पीठ, हरिद्वार द्वारा मनोनीत सदस्य संस्था का कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। प्रबंध समिति में मेरे परिवार का अथवा मेरा कोई रिश्तेदार या मेरे गांव का कोई आदमी नहीं रहेगा। इसका प्रस्ताव मैंने पतंजलि योग पीठ को दे दिया है। इसलिए यदि मेरे उपर किसी भी व्यक्ति का किसी प्रकार का लेनदेन या जमीन संबंधी मामला हो तो, 15 जनवरी तक दावा पेश करें। इसके बाद कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुरुकुल, आरोग्यशाला व गोबर का पेंट बनाने समेत अन्य प्रकल्प होंगे शुरू
पंचदेव धाम के संस्थापक ने बताया कि यहां पहले से चल रहे प्रकल्प पूर्ववत संचालित होते रहेंगे। साथ ही उनकी बाबा रामदेव से यहां गुरुकुल और आरोग्यशाला खोलने तथा गोबर से पेंट बनाने का प्रकल्प शुरू करने पर बात हुई है। पतंजलि ट्रस्ट यहां का कार्यभार ग्रहण करने के बाद शीघ्र ही इन गतिविधियों का संचालन शुरू करेगा।
‘पतंजलि कोई जिम्मेवारी देगी तो उसका करूंगा निर्वहन’
अशोक सिंह ने बताया कि अब वे पंचदेव धाम के सभी दायित्वों से मुक्त होने जा रहे हैं। पतंजलि द्वारा धाम और अन्य गतिविधियों के संचालन के लिए यदि संरक्षक या और किसी तरह की जिम्मेवारी दी जाती है तो उसका सेवाभाव से निर्वहन करूंगा।
अशोक सिंह और उनकी पत्नी के इस कार्य की हो रही सराहना
वहीं, पंचदेव धाम के संस्थापक अशोक सिंह और उनकी पत्नी के इस कार्य की सर्वत्र सराहना हो रही है। कहा जा रहा है कि ऐसा फैसला लेना वाकई सबके वश की बात नहीं है। कोई महामानव ही ऐसा कुछ कर सकता है। अशोक सिंह ने समाज के लिए करोड़ों करोड़ की संपत्ति का दान कर वाकई इतिहास रच दिया है।
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