आखिर बिहार की राजधानी पटना के प्राईवेट हॉस्टल्स में हो क्या रहा है? अभी एक हॉस्टल में नीट की छात्रा की मौत मामले से पर्दा पूरी तरह उठा भी नही कि एक और नीट छात्रा की मौत का मामला सामने आ गया। हालांकि यह घटना 6 जनवरी की बताई जा रही है, लेकिन मामले का 13 दिन बाद सोमवार 19 जनवरी को उजागर होना मामले में झोल को बल दे रहा है। ऐसे में लाख टके का सवाल यह है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के इस दौर में बेटियां पटना के होस्टलो में सुरक्षित रह गई है क्या?
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एक अन्य हॉस्टल में छात्रा की मौत
ताजा मामला पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित परफैक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल का है, जो औरंगाबाद से जुड़ा है। इस हॉस्टल से एक छात्रा की डेड बॉडी मिली। मामले में परिजनों ने साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया है। मामले में परिजनों ने प्राथमिकी में हॉस्टल संचालक समेत अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया है।
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पुलिस और परिजनों की गैर मौजूदगी में होस्टल के बेड पर रखी गई छात्रा की डेड बॉडी
प्राथमिकी में परिजनों ने मुसाहीद रेजा, मुकर्रम रेजा, हॉस्टल के संचालक, वार्डेन खुशबू कुमारी, हॉस्टल के इंचार्ज, उसकी सहेली समेत अन्य अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया है कि इन सबकी मिलीभगत से उनकी बेटी की हत्या की गई है। प्राथमिकी में आरोप है कि छात्रा की डेड बॉडी को पुलिस और पैरेंट्स की गैर मौजूदगी में बेड पर रखा गया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस की गाड़ी से ही डेडबॉडी को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।
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परिजनों का आरोप साजिश के तहत की गई हत्या
परिजनों का यह भी आरोप है कि डेड बॉडी और वीडियो रिकॉर्डिंग देखने के बाद उन्हें पूरा यकीन है कि उनकी बच्ची की साजिश के तहत हत्या की गई है। मृतका की मां ने रोते हुए कहा कि वह गोह थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनकी 15 वर्षीया पुत्री पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। 6 जनवरी को 2 लड़कों ने हॉस्टल संचालक, वार्डन, बेटी की सहेलियों की मदद से मेरी बेटी की हत्या की है। पुलिस मामले की सही जांच कर कार्रवाई करे।मामले में परिजनों ने पुलिस से तत्परता से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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प्रबंधन की अनुमति के बिना हॉस्टल में कैसे घुस गए बाहरी छात्र
छात्रा के पिता ने हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हे जानकारी मिली है कि दो मुस्लिम लड़के प्रबंधन की अनुमति के बिना हॉस्टल के अंदर पहुंचे थे। ये लड़के कैसे अंदर पहुंच गए उन्हे पता नहीं है। पुलिस ने दो आरोपी दो लड़कों को पकड़ा भी था, लेकिन एक को छोड़ दिया। क्यो छोड़ दिया? मतलब तो यही निकलता है कि पुलिस मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं कर रही है।
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4 को पटना पहुंची छात्रा और 6 जनवरी को हुई मौत
पिता ने कहा कि 4 जनवरी को पटना आकर बेटी को होस्टल में छोड़ा था। 5 और 6 जनवरी को बेटी से बात भी हुई थी। 6 जनवरी को ही रात में करीब 1 बजे अचानक कॉल आता है कि आपकी बेटी की मौत हो गई है। उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।
परिवार के आने से पहले कैसे बेड पर रख दी गई डेड बॉडी
घटना के संबंध में पिता का कहना है कि सूचना दिए जाने के बाद हम लोगों के पहुंचने से पहले ही बेटी की डेड बॉडी फंदे से उतारकर बेड पर रख दी जाती है। अब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई है। प्राथमिकी दर्ज कराई है, लेकिन कोई खास कार्रवाई नहीं हुई है। बेटी के पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। कहा कि जब वह पटना आए थे, तब होस्टल संचालक मेरे आने से पहले ही होस्टल से निकल गया था। बेटी को कोई दिक्कत या परेशानी नहीं थी। अगर ऐसा होता तो वह मुझे जरूर बताती। मेरी बेटी की हत्या की गई है। इसमें पुलिस और हॉस्टल संचालक की मिलीभगत है।
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