जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज मड़ैया में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मंगलवार को पंचायत की मुखिया शांति देवी के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय पहुंचे और जिलाधिकारी को लिखित ज्ञापन सौंपकर अनियमितताओं की शिकायत की।
पात्र परिवारों को योजना से वंचित करने का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत रोजगार सेवक प्रवीण कुमार द्वारा लाभार्थियों का चयन नियमों की अनदेखी कर किया गया है। पंचायत के विभिन्न गांवों में दलित, महादलित, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के कई ऐसे परिवार हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और जिनके घर जर्जर अवस्था में हैं, फिर भी उन्हें आवास योजना की सूची में शामिल नहीं किया गया।
अवैध वसूली का गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि योजना में नाम जोड़ने के बदले पंचायत रोजगार सेवक द्वारा प्रति लाभार्थी एक हजार रुपये की अवैध वसूली की गई। इस संबंध में पहले भी वीडियो साक्ष्य के साथ शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मुखिया ने जताई चिंता
पंचायत की मुखिया शांति देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को सम्मानपूर्वक जीवन के लिए पक्की छत उपलब्ध कराने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। यदि इसमें भ्रष्टाचार और मनमानी होती रही, तो वास्तविक जरूरतमंद लोग इससे वंचित रह जाएंगे, जिससे पंचायत में असंतोष का माहौल बन रहा है।
पुनः सर्वे और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि योजना से वंचित सभी पात्र परिवारों का दोबारा सर्वे कराया जाए, दोषी कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पूरी पारदर्शिता के साथ आवास योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
इस मामले में जिलाधिकारी श्रीनवीन ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और पात्र लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा। इस मौके पर मुखिया प्रतिनिधि योगेंद्र साह, सरपंच अनिल कुमार, वार्ड सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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