भागलपुर जिले के कहलगांव निवासी न्यायिक पदाधिकारी संतोष कुमार साह की पत्नी वंदना कुमारी पर हुई गोलीबारी के मामले का गोड्डा पुलिस ने चार दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में कुल छह आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य तीन फरार बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों में न्यायिक पदाधिकारी के दो भाई और एक वार्ड पार्षद शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में श्याम कुमार साह, सुबोध कुमार साह और कहलगांव नगर पंचायत के वार्ड पार्षद मो. आरिफ शामिल हैं। तीनों कहलगांव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त हथियार, गोली का अगला हिस्सा, दो मोटरसाइकिल, हेलमेट और मास्क भी बरामद किए हैं।
पत्नी की हत्या की साजिश का आरोप
गोड्डा पुलिस का दावा है कि इस वारदात की साजिश खुद न्यायिक पदाधिकारी संतोष कुमार साह ने रची थी। पुलिस के मुताबिक, पत्नी की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह रकम लेकर घटना को अंजाम देने की योजना बनाई।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 17 जनवरी की शाम वंदना कुमारी गोड्डा कोर्ट से गवाही देकर अपने भाई के साथ बाइक से घर लौट रही थीं। इसी दौरान पथरगामा थाना क्षेत्र के गांधीग्राम चौक, महागामा-गोड्डा मुख्य पथ पर बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
प्राथमिकी और जांच की दिशा
घटना के बाद 18 जनवरी को मायागंज अस्पताल में घायल वंदना कुमारी के फर्द बयान के आधार पर पथरगामा थाना में न्यायिक पदाधिकारी संतोष कुमार साह समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
पूछताछ में सामने आई साजिश की कहानी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वंदना कुमारी के पति संतोष कुमार साह ने ही पत्नी से छुटकारा पाने के लिए यह साजिश रची थी। आरोप है कि दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ और मो. आरिफ ने शूटर की व्यवस्था की। सुबोध साह ने भी पुलिस के सामने स्वीकार किया कि पूरी योजना बड़े भाई द्वारा बनाई गई थी।
जज को भेजा जाएगा नोटिस
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में न्यायिक पदाधिकारी की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस उन्हें नोटिस भेजकर उनका पक्ष लेगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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