बिहार के औरंगाबाद से सांसद और लोकसभा में राजद संसदीय दल के नेता अभय कुमार सिन्हा उर्फ अभय कुशवाहा की एक मांग ने रेल महकमे से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है। विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने वाले सांसद की इस मांग को लोग असामान्य बता रहे हैं और यह मामला व्यापक चर्चा में आ गया है।
जिस स्टेशन पर ट्रेन पहले से रुकती है, उसी के ठहराव की मांग
जानकारी के अनुसार, सांसद अभय कुमार सिन्हा ने 17 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी को लेकर एक मांग पत्र सौंपा। इसी पत्र में औरंगाबाद जिले के फेसर रेलवे स्टेशन पर 13009/13010 हावड़ा–देहरादून एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी शामिल थी।
सोशल मीडिया पर खुद सांसद ने साझा की जानकारी
रेलमंत्री से मुलाकात के बाद सांसद ने अपने फेसबुक अकाउंट पर इस भेंट की तस्वीरें और सौंपे गए मांग पत्र को भी साझा किया। जैसे ही यह पत्र रेल मंत्रालय से संबंधित विभाग तक पहुंचा, अधिकारियों ने पाया कि जिस ट्रेन के ठहराव की मांग की गई है, वह पहले से ही फेसर स्टेशन पर नियमित रूप से रुक रही है।
रेल महकमे से लेकर आम जनता तक हैरानी
इस तथ्य के सामने आते ही रेल महकमे में भी हैरानी का माहौल बन गया। वहीं यह जानकारी आम लोगों तक पहुंचते ही सांसद का मांग पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग इस मांग को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे और यह पत्र चर्चा का विषय बन गया।
पहले ही हो चुका है ट्रेन का ठहराव
दरअसल, फेसर रेलवे स्टेशन पर हावड़ा–देहरादून एक्सप्रेस का ठहराव 22 अगस्त 2021 से ही शुरू हो चुका है। यह ठहराव औरंगाबाद के तत्कालीन सांसद सुशील कुमार सिंह द्वारा रेलमंत्री को दिए गए पत्र के बाद स्वीकृत किया गया था। तब से यह ट्रेन नियमित रूप से फेसर स्टेशन पर रुक रही है।

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पहले भी विवादों में रह चुके हैं सांसद
यह पहला मौका नहीं है जब सांसद अभय कुशवाहा चर्चा में आए हों। इससे पहले लोकसभा में फोटो खिंचवाने को लेकर उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की फटकार का सामना करना पड़ा था। उस समय अध्यक्ष ने सदन की गरिमा बनाए रखने की सख्त हिदायत दी थी।
सांसद ने बताया इसे कार्यालयी भूल
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद अभय कुमार सिन्हा ने स्वीकार किया कि फेसर स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव पहले से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने निजी सचिव को परैया स्टेशन पर इस ट्रेन के ठहराव की मांग करने को कहा था, लेकिन भूलवश पत्र में फेसर स्टेशन दर्ज हो गया। सांसद के अनुसार इसी गलती को लेकर विरोधी दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा संसदीय क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं और उन्हें उम्मीद है कि रेलमंत्री स्तर से जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
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