विधायक बाबूलाल शौर्य ने कहा कि आउटडोर स्टेडियम का 15 वर्षों तक पूरा न होना अपने-आप में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है।
खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित इंटर उच्च विद्यालय कन्हैयाचक मैदान में मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रस्तावित आउटडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पिछले 15 वर्षों से अधूरा पड़ा है। भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह योजना पूरी नहीं ह
यह आउटडोर स्टेडियम योजना संख्या 450/2009-10 के अंतर्गत स्वीकृत किया गया था। इसका कार्य 11 मार्च 2010 को शुरू होना था। योजना के लिए कुल 33 लाख 21 हजार 700 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से अब तक 30 लाख रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। शेष 3 लाख 21 हजार 700 रुपये जारी होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने राशि निकालने में तेजी दिखाई, लेकिन जमीनी स्तर पर काम लगभग ठप है। निर्माण स्थल पर कार्य एजेंसी का नाम या सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे परियोजना की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
परबत्ता प्रखंड स्थित इंटर उच्च विद्यालय कन्हैयाचक मैदान।
खेल प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलता खेलप्रेमियों का कहना है कि यदि स्टेडियम का निर्माण समय पर पूरा हो जाता, तो क्षेत्र के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलता। प्रशासनिक उदासीनता के कारण खिलाड़ी आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
इस स्थिति ने बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
संबंधित मंत्री को लिखित रूप से अवगत कराया गया परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने इस अधूरे निर्माण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार संबंधित मंत्री को लिखित रूप से अवगत कराया गया है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि कार्य हर हाल में पूर्ण कराया जाएगा।
विधायक बोले- अपने-आप में यह बहुत बड़ा भ्रष्टाचार विधायक बाबूलाल शौर्य ने कहा कि आउटडोर स्टेडियम का 15 वर्षों तक पूरा न होना अपने-आप में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित विभाग को कार्रवाई हेतु पत्र लिखा जाएगा।
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