बिहार बोर्ड मैट्रिक एग्जाम का आज तीसरा दिन है। आज यानी गुरुवार को दोनों शिफ्ट में द्वितीय भाषा की परीक्षा है। द्वितीय भाषा में अगर किसी परीक्षार्थी की मातृभाषा हिंदी है, तो वह दूसरी भाषा के रूप में संस्कृत, फारसी, अरबी या मगही का चयन कर सकता है। वहीं जिन परीक्षार्थियों की मातृभाषा हिंदी नहीं है, उनके लिए द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का विकल्प रखा गया है। पहली और दूसरे दिन की परीक्षा में 11 छात्र निष्कासित हो चुके हैं। 1699 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा प्रदेश में कुल 1699 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक हो रही है, जिसके लिए प्रवेश सुबह 9 बजे बंद कर दिया जाता है। वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। सख्त सुरक्षा व्यवस्था, समय से पहले पहुंचना जरूरी परीक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पहुंचने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले मुख्य गेट बंद कर दिया जाता है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल, छात्राओं की संख्या अधिक इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में करीब 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक बताई जा रही है। पहली पाली में लगभग 7.58 लाख और दूसरी पाली में करीब 7.54 लाख परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। दो दिन की पारिख में 11 छात्र निष्कासित परीक्षा के पहले दिन कुल 5 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया था। इनमें नवादा से 1, गोपालगंज से 2, मधेपुरा से 1 और अररिया से 1 परीक्षार्थी शामिल थे। वहीं दूसरे दिन भोजपुर से 6 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया। जूता-मोजा पहनकर आने पर रोक, बोर्ड की सख्त हिदायत बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा केंद्र पर जूता और मोजा पहनकर नहीं आएं। सुरक्षा जांच को आसान बनाने के लिए यह नियम लागू किया गया है। नियम का पालन नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश में परेशानी हो सकती है। पटना सहित सभी जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था पटना सहित सभी जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पटना में करीब 71 हजार परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा परीक्षा को सुरक्षित और आदर्श माहौल में आयोजित करने के लिए चार मॉडल परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां महिला कर्मियों की तैनाती, हेल्प डेस्क, सजावट और अतिरिक्त सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
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