बीबी दलेर कौर और बाबा पंजाब सिंह।
पंजाब में महिला सिख प्रचारक ढाडी दलेर कौर के विरोध का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बीबी दलेर कौर ने आरोप लगाया था कि उन्हें धमकी दी गई कि जहां भी समागम होंगे, वह उसका विरोध करेंगे।
बीबी दलेर कौर ने यहां तक कह दिया कि आप जो आए दिन नंगी फोटो डाल देते हो, इतना तुम्हें दलेर कौर को नंगी देखने की इच्छा हो रही है। मैंने फिर भी सब कुछ बर्दाश्त किया। अब मैं न स्टेज पर जाऊंगी और न ही धर्म प्रचार करूंगी।
बीबी दलेर कौर के आरोपों पर अब दूसरे पक्ष के बाबा पंजाब सिंह सामने आए हैं। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मैंने तो उसे बेटी (धी) कहकर संबोधित किया। मैंने कहा कि बाबा जीवन सिंह को कलगी तोड़ा देने के इतिहास पर वचन करो तो उसने मना कर दिया।
मैंने तो उसे गुरुद्वारा साहिब के अंदर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में भी नहीं टोका। बाहर आकर कहा कि हम दोनों वचन (संवाद) कर लेते हैं। इस पर वह नहीं मानीं और वहां से चली गईं। हमारी जत्थेबंदी से तो किसी सिंह ने टोका भी नहीं था। जिसने टोका हम उसे नहीं जानते। उसे भी टोकने के लिए किसी ने नहीं कहा। वह सिंह खुद ही उठा और टोकने लगा।
इस पर बीबी जोर-जोर से बोलने लगी तो हम उठकर बाहर चले गए। ये जो हम पर घेर लेने, मारने-पीटने की धमकी देने के आरोप लगे हैं, सब गलत हैं। वहां 60-70 निहंग मौजूद थे। किसी ने भी कुछ नहीं कहा। मैं तो उसे बेटी-बेटी कहता रहा। उसका पति भी वहीं पर मौजूद था।
22 दिसंबर को बटाला के गांव के गुरुद्वारा में दीवान में बोलतीं ढाडी दलेर कौर।
अब जानें विवाद पर बाबा पंजाब सिंह क्या कहा-
- विवाद खत्म करना चहिए था, इसने बढ़ा दिया: बाबा पंजाब सिंह ने कहा- मैंने कहा कि धीए (बेटी) बैठकर विवाद खत्म करना चाहिए था, लेकिन बीबी ने विवाद बढ़ा दिया। जिसने रोका था, वो हमारे सिंह नहीं थे। जब बीबी ने उसे गलत बोला तब मैंने विरोध किया। मुझे लगा कि महाराज की हजूरी में जोर से बोलना ठीक नहीं है। मैंने फिर पंडाल छोड़ दिया और बाहर निकल गए। मुझे लगा कि यहां तू-तू मैं-मैं हुई तो बेअदबी होगी। मेरे उठकर जाने के बाद 60-70 और निहंग मेरे साथ आ गए। सभी सिंह कहने लगे कि हम बीबी के साथ वचन करेंगे। इस पर मैंने कहा कि कोई भी नहीं बोलेगा। मैं अकेला बात करूंगा। जब बीबी पास आई तो मैंने कहा कि दलेर कौर तुम मेरे लिए बेटी हो। प्रबंधकों ने बताया है कि 1 साल पहले बीबी दलेर कौर को बुक कर लिया था। इतिहास की किताब भी दी थी और कहा था कि ये इतिहास पढ़ना है।
- दलेर कौर ने वचन करने से मना कर दिया: बाबा पंजाब सिंह ने कहा- जब मैंने दलेर कौर को वचन करने के लिए कहा तो उसने कहा कि हमने किसी से कोई वचन नहीं करना। पहले तो ये घबराई हुई थी, लेकिन बाद में गाड़ी में बैठकर लाइव कर दिया। मेरा नाम भी झूठा बोल दिया। मैंने धी के अलावा कोई बात नहीं की। जिस सिंह ने विरोध किया उसका भी उनके जत्थे से कोई संबंध नहीं है। वहां कई जत्थे थे, उनमें से किसी ने दलेर कौर को टोका था। मैं तो उसे जानता तक नहीं हूं। मैंने तो उससे इतिहास सुना, मैंने उससे पूछना भी नहीं था।
- संगत को विद्वान नहीं बनना चाहिए, SGPC को बताना चाहिए: बाबा पंजाब सिंह ने कहा कि मेरी सिख संगत से भी अपील है कि जब कोई गुरु इतिहास सुनाता है तो उसे टोकना नहीं चाहिए। अगर किसी को किसी चीज पर आपत्ति है, तो SGPC के पास जाना चाहिए। वहां पर बताना चाहिए ताकि विवाद का निपटारा हो। इस तरह के सार्वजनिक विवाद सिख कौम पर गलत असर डालते हैं।
- गलत फोटो पर बोले- जिन्होंने डालीं, उनके खिलाफ केस हो: बाबा पंजाब सिंह ने कहा कि गलत पोस्ट और फोटो डालने की बात भी गलत है। जिन लोगों ने ऐसा किया उनके खिलाफ केस होना चाहिए। इसकी जांच होनी चाहिए। मेरी तो अकाल तख्त से भी अपील है कि गुरु साहिब की पोशाक को लेकर ये जो दो मत पैदा हो गए हैं, इनका निपटारा होना चाहिए ताकि किसी तरह का विवाद ही न रहे।

विरोध के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन ने सिरोपा पहनाकर ढाडी जत्थे को रवाना किया।
दलेर कौर का विरोध क्यों हुआ, विवाद की वजह क्या..
- दलेर कौर ने कहा-दशम पिता ने कलगी तोड़ा भाई संगत सिंह को दिया: 22 दिसंबर को बटाला के गांव में दीवान (धार्मिक सभा) हुआ। इसमें जालंधर के नकोदर की ढाडी दलेर कौर ने कहा कि जब दशम पिता ने चमकौर की गढ़ी छोड़ी तो अपना कलगी तोड़ा बाबा संगत सिंह को दिया। सिख इतिहास की इस बात पर बीबी दलेर कौर का विरोध हो गया। कुछ सिख विद्वान मानते हैं कि दशमेश पिता ने कलगी तोड़ा भाई जीवन सिंह को दिया था।
- दलेर कौन ने विवाद पर जारी कर दिया वीडियो: दीवान में विरोध होने पर बीबी दलेर कौर ने अपनी प्रस्तुति वहीं रोक दी। इसके बाद वह अपने जत्थे के साथ वहां से निकल आईं। इसके बाद गाड़ी में बैठकर वह सोशल मीडिया पर लाइव हुईं। जिसमें उन्होंने कहा- मेरी 3 साल की बच्ची है। 24 घंटे में सिर्फ 5 मिनट उसे देखती हूं। बाकी जिंदगी सिख धर्म के प्रचार-प्रसार पर लगा दी। फिर भी मेरे साथ ऐसा किया जा रहा है।
- मेरा मन बहुत दुखी, धर्म प्रचार नहीं करूंगी: इस घटना से मेरे मन को बहुत दुख पहुंचा है। मुझे धमकी दी गई है कि मैं जहां भी प्रोग्राम करूंगी, उसका विरोध किया जाएगा। हर चीज बर्दाश्त करने की भी एक लिमिट होती है। गुंडे इकट्ठे किए थे। अब मैं न तो स्टेज पर जाऊंगी और न ही धर्म प्रचार करूंगी।
रागी भाई मनदीप भी दलेर कौर के विरोध में उतरे

रागी भाई मनदीप सिंह विद्यार्थी विवाद पर बोलते हुए।
- ईर्ष्यालु लोग कलगी तोड़े की बात गलत कह रहे: रागी भाई मनदीप सिंह विद्यार्थी ने एक समागम में कहा कि कई ईर्ष्यालू लोग कलगी तोड़े की बात गलत कह रहे हैं। बीबी दलेर कौर ने जिम्मेदार ढाडी होने के नाते भी कहा कि संगत सिंह को कलगी तोड़ा दिया गया था। एक सिंह ने कहा कि बीबी इसका कोई हवाला भी दो। उसने हवाला तो कोई नहीं दिया लेकिन बात कहीं से कहीं ले गई।
- भाई मनदीप सिंह विद्यार्थी ने दिए कवियों के हवाले: भाई मनदीप सिंह विद्यार्थी ने दावा किया कि सतगुरों के समकालीन कवि कनकन ने कहा है कि-निज कलगी सिर दई सजाए, दी पोशाक अपनी पहराए, जीवन सिंह को बुर्ज बैठाए, तज गढ़ी गोबिंद सिंह जाए। कवि भगत सिंह गुर बिलास लिखते हैं- जीवन सिंह गुर का सिख होई, गुर सम भेद न जानो कोई, तिसको अपनी ठौर बिठाए, दे गुरुयाई मात टिकाए। कवि गुरबख्श सिंह ने भी भाई जीवन सिह को कलगी तोड़ा देने की बात कही है। भाई रत्न सिंह भंगू ने भी भाई जीवन सिंह को कलगी तोड़ा देने की बात कही है। बरियाम अकेला किताब में इसका वर्णन है। डॉक्टर दलबीर सिंह ने चर्चा के बाद इस किताब में लिखा है।
- संगत की हमदर्दी लेने के लिए ये सब कहा गया: भाई मनदीप सिंह विद्यार्थी ने दावा किया कि बीबी दलेर ने संगत की हमदर्दी लेने के लिए ये सब किया। उनको सही इतिहास सुनाना चाहिए था। जब उनसे पूछा गया कि कहां से हवाला दे रही हैं तो उन्होंने कहा कि अपने पुरखों से यही सुनते आए हैं। भाई मनदीप सिंह विद्यार्थी ने कहा कि जब इतिहास की कोई बात कहते हैं तो उसका सबूत देना पड़ता है। सुनी सुनाई बात नहीं कह सकते है। जज के सामने भी सबूत ही पेश करने पड़ते हैं। ये थोड़े न कोई कहता है कि मैंने सुना था कि उसने फलां का कत्ल किया है।
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सिख धर्म का प्रचार कर रहीं जालंधर की बीबी दलेर कौर का विरोधियों पर गुस्सा फूटा है। गुरदासपुर में दीवान (धार्मिक सभा) के दौरान सरेआम उनका विरोध किया गया। इसके बाद धमकी भी दी गई कि वह जहां भी प्रोग्राम करेंगी, उनका विरोध किया जाएगा (पढ़ें पूरी खबर)
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