भोपाल मेट्रो पहले से ही यात्रियों की कमी से जूझ रही है. अब इसके विस्तार को लेकर भी बड़ी अड़चन सामने आ गई है, जब कब्रिस्तान से ऑरेंज लाइन के फेज-2 के रूट को लेकर कांग्रेस विधायक आतिक अकील ने आपत्ति जताई है.
आतिफ अकील ने कही ये बात
आतिफ अकील ने कहा कि क्या हमें शहर में कोई और जगह नहीं मिल सकती? हमारे बुज़ुर्ग यहीं दफन हैं. किसी भी हालत में मेट्रो को कब्रिस्तान से होकर जाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. इसके बाद उन्होंने रूट बदलने की मांग की. उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान खुली जगह है. इसका मतलब यह नहीं है कि यहां से मेट्रो निकाल दी जाए. हम यहां किसी भी हालत में मेट्रो नहीं निकालने देंगे.
शाही वक्फ बोर्ड ने न्यायालय में ले गया केस
मेट्रो शाही कब्रिस्तान से न गुजरे इसके लिए शाही वक्फ बोर्ड ने न्यायालय में केस किया था, जिसमें उनको स्टे मिला था. इस स्टे की आगे की सुनवाई के लिए न्यायालय ने कहा था कि दोनों पक्ष आपस में इस सिलसिले में बैठकर बात कर लें. इसके बाद मीटिंग रखी गई. मीटिंग में मध्य प्रदेश वक्फ अधिकरण के सदस्य हसन जैदी, शाही वक्फ के मेंबर आजम खान साहब और मेट्रो के अधिकारी मौजूद रहे.
भोपाल में सुभाष नगर से करोंद तक ऑरेंज लाइन फेज-2 का काम बहुत ही तेजी के साथ चल रहा है. यह दूरी कुल 16.74 किलोमीटर है. इसमें से 5.38 किलोमीटर एलिवेटेड होगा, जिसमें कुल 6 स्टेशन होंगे और इसकी लागत करीब 650 रुपए बताई जा रही है. वहीं भोपाल मेट्रो में 3.39 किलोमीटर अंडरग्राउंड होगा, जिसमें 2 स्टेशन होंगे और इसकी लागत करीब 890 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
यात्रियों की कमी से जूझ रही भोपाल मेट्रो
भोपाल मेट्रो की सबसे बड़ी चिंता इसके यात्री कम होना है. सुभाष नगर से एम्स तक 7 किलोमीटर के इस छोटे से रूट पर मेट्रो, अब यात्रियों के लिए तरस रही है. लॉन्च के वक्त जहां रोजाना करीब 7,000 लोग सफर कर रहे थे, वहीं अब यह संख्या सिमटकर सिर्फ 300 से 350 रह गई है. यात्रियों की इस भारी कमी को देखते हुए प्रबंधन ने मेट्रो के फेरे 17 से घटाकर 13 कर दिए हैं. भोपाल मेट्रो की हालत पहले ही खराब है, ऊपर से फेज-2 को लेकर भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
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