मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर की घटना बेहद दुखद है और सरकार इसे पूरी गंभीरता से ले रही है. उन्होंने साफ किया कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि संवेदनशीलता दिखाने का है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं.
कांग्रेस को नैतिकता का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को नैतिकता का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि भोपाल गैस कांड में हजारों लोगों की मौत हुई थी और उस समय की कांग्रेस सरकार ने जिम्मेदारी से भागते हुए वारेन एंडरसन को देश से जाने दिया. मुख्यमंत्री के मुताबिक यह देश के इतिहास का बड़ा पाप था, जिसे आज तक भुलाया नहीं जा सकता.
मुख्यमंत्री ने क्या-क्या आरोप लगाए
- राहुल गांधी वोट की राजनीति के लिए इंदौर आ रहे हैं
- दुख की घड़ी में राजनीति करना अनुचित है
- कांग्रेस अपने शासनकाल की त्रासदियों से ध्यान भटकाना चाहती है
- भोपाल गैस कांड की जिम्मेदारी कांग्रेस पर है
- मौजूदा सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है
सरकार की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर की भागीरथपुरा घटना के बाद सरकार ने कड़े फैसले लिए हैं. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी आईएएस अधिकारी को इस तरह की घटना में सस्पेंड किया गया है. सरकार ने संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की है.
- एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को निलंबित किया गया
- कुल पांच अधिकारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई हुई
- घायलों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई
- मंत्री और महापौर मौके पर तैनात रहे
- पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद दी जा रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को पहले उन राज्यों में जाना चाहिए, जहां कांग्रेस की सरकार है. उन्होंने कर्नाटक और हैदराबाद का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी मौतें हुई हैं, लेकिन राहुल गांधी वहां नजर नहीं आते. मुख्यमंत्री के अनुसार, चयनित घटनाओं पर राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है.
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