बिहार में विद्यालयी शिक्षा को अनुभव आधारित और व्यावहारिक बनाने की दिशा में चल रहे प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) कार्यक्रम में भोजपुर जिले ने एक बार फिर अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराई है.
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) पटना तथा राज्य शिक्षा परियोजना, पटना के संयुक्त तत्वावधान में यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी.बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी मध्य विद्यालयों में संचालित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग की प्रगति की समीक्षा करना, कर के सीखने की पद्धति को और सशक्त बनाना तथा भविष्य की रणनीतियों और कार्ययोजना को अंतिम रूप देना था. इसमें बिहार के सभी 38 जिलों ने भाग लिया.
प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग में भोजपुर की मजबूत पकड़
पटना में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय त्रैमासिक नेतृत्व कार्यशाला के दौरान बेहतर और निरंतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया. इसी क्रम में भोजपुर जिला को PBL के प्रभावी क्रियान्वयन, उत्कृष्ट परिणाम और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के लिए राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्रदान किया गया.इस कार्यशाला में भोजपुर जिले की ओर से जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक विजय कुमार सिन्हा, जिला तकनीकी समूह के सदस्य मो इसरार अहमद और अरुण कुमार सिंह ने भाग लिया.उन्होंने जिले के विद्यालयों में चल रहे पीबीएल के अंतर्गत शैक्षणिक नवाचार, विद्यालय स्तरीय परियोजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण गतिविधियां और छात्रों की रचनात्मक सहभागिता पर आधारित प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें राज्य स्तर पर सराहा गया.
राज्य स्तर पर मिला दूसरा स्थान
भोजपुर जिले में संचालित पीबीएल एक्टिविटी ग्रुप को अन्य जिलों के लिए एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया. जिले को इस उपलब्धि के लिए प्रशंसा-पत्र भी प्रदान किया गया. जिस पर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी शाहिद मोबीन और विज्ञान-गणित विभागाध्यक्ष डॉ स्नेहाशीष दास के हस्ताक्षर अंकित हैं.कार्यक्रम में SCERT पटना, NCERT नई दिल्ली, मंत्रा फॉर चेंज संस्था के विशेषज्ञों सहित राज्य भर से आए शिक्षक शिक्षा समन्वयक, जिला तकनीकी समूह के सदस्य और मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे.यह उपलब्धि भोजपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव और नवाचारों की मजबूत पहचान बनकर उभरी है.
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