उपलब्ध दुकानों में आरा और बिहिया दोनों अनुमंडलों को शामिल किया गया है. आरा शहर में कुल 9 दुकानों का आवंटन किया जाएगा. इनमें क्षत्रिय स्कूल के पास 6 दुकानें, नगर निगम के समीप 1 दुकान तथा कतीरा क्षेत्र में श्रेणी ‘ए’ की 1 और श्रेणी ‘बी’ की 1 दुकान शामिल है. वहीं बिहिया क्षेत्र में कुल 16 दुकानें प्रस्तावित हैं, जिनमें डाक बंगला परिसर में 1 दुकान, डाक बंगला के समीप 5 दुकानें और डाक बंगला के पास स्थित परती भूमि पर 10 दुकानें शामिल हैं.
दुकानों के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगी. इच्छुक अभ्यर्थी जिला परिषद कार्यालय, आरा से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं. आवेदन शुल्क 2000 रुपये निर्धारित किया गया है, जो नॉन-रिफंडेबल होगा. नियमों के अनुसार, एक आवेदक केवल एक ही दुकान के लिए आवेदन कर सकेगा.
दुकानों का सुरक्षित मूल्य 1.85 लाख रुपये से लेकर 3.91 लाख रुपये तक तय किया गया है. इसके अतिरिक्त आवंटन के बाद निर्धारित मासिक किराया भी देना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में लॉटरी निकाले जाने की संभावना है. लॉटरी में चयनित आवेदकों को तय समय सीमा के भीतर पूरी राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद उन्हें अंतिम आवंटन पत्र सौंपा जाएगा.
जिला परिषद के अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से जिले में स्वरोजगार को नई मजबूती मिलेगी. कई परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और जिला परिषद के राजस्व में भी वृद्धि होगी. इसे भोजपुर को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत और प्रभावी कदम माना जा रहा है.
डीडीसी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी गुंजन सिंह ने बताया कि जिला परिषद की दुकानों का उद्देश्य केवल आवंटन करना नहीं, बल्कि उनका सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है. उन्होंने कहा कि जिला परिषद चाहती है कि इन दुकानों के माध्यम से आम लोगों को स्वरोजगार का अवसर मिले और वे अपनी आजीविका को सशक्त बना सकें.
यह योजना विशेष रूप से उन युवाओं और छोटे व्यापारियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी लॉटरी सिस्टम के तहत होगी, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी पात्र लोगों को समान अवसर मिल सके.
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