रोहतक जिले के गांव महम के भगत पवन कुमार ने 18 फरवरी को 11 फुट का पावन निशान लेकर खाटू श्याम मंदिर के लिए पदयात्रा प्रारंभ की है। उनका संकल्प है कि वे बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर निशान अर्पित करेंगे और 51 दंडवत यात्राओं का लक्ष्य पूर्ण करेंगे। उनका भिवानी के लोहारू पहुंचने पर शिविर में बाबा श्याम भक्तों ने जोरदार स्वागत किया। पवन कुमार का लोहारू पहुंचने पर सूरजगढ़ रोड स्थित शिविर में श्रद्धालुओं ने भगत पवन का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर राजेश चहड़िया, धर्मेंद्र पिलोद, विपिन सैनी, कुलदीप सैनी, कृष्ण, श्यामसुंदर, रिंकू जांगिड़, धोलिया, सतीश, प्रवीण, सुमित और मोनू सिंघानी सहित कई भक्त मौजूद रहे। “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। 18 किलोमीटर की दंडवत यात्रा, 45 बार कर चुके पूर्ण भगत पवन प्रत्येक माह एकादशी के अवसर पर रिंगस से खाटू श्याम तक लगभग 18 किलोमीटर की दंडवत यात्रा अब तक 45 बार पूर्ण कर चुके हैं। उनका लक्ष्य 51 यात्राएं पूर्ण करने का है। लगभग 240 किलोमीटर की इस पदयात्रा में वे प्रतिदिन 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। विशेष बात यह है कि ‘खड़ी यात्रा’ के दौरान वे रात्रि विश्राम भी खड़े होकर ही करते हैं, जो उनकी कठोर साधना और अटूट श्रद्धा का प्रमाण है। संघर्षों के बीच आस्था का सहारा भगत पवन पेशे से एक निजी अध्यापक हैं और पिछले छह वर्षों से बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। माता-पिता का साया सिर पर नहीं है, वे किराए के मकान में रहते हैं और किराए की जमीन पर जीवन-यापन करते हैं। उनकी एक बड़ी बहन है, जिनका विवाह हो चुका है। वे स्वयं अपना भोजन बनाते हैं और सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं। उनका कहना है कि जीवन की हर खुशी और हर दुख में वे बाबा श्याम को ही अपना माता-पिता मानते हैं। सनातन धर्म के प्रचार का संकल्प भगत पवन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत मनोकामना पूर्ति नहीं, बल्कि सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार भी है। वे जहां-जहां से गुजरते हैं, वहां लोगों को भक्ति, सेवा और सदाचार का संदेश देते हैं। उनका विश्वास है कि सच्चे मन से बाबा श्याम को पुकारने पर वे हर संकट में साथ खड़े होते हैं। श्रद्धालुओं ने दी शुभकामनाएं लोहारू के श्रद्धालुओं ने उनकी सफल यात्रा की कामना करते हुए कहा कि ऐसे भक्त समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी आस्था की लौ प्रज्ज्वलित रखते हैं। “जब जीवन में अपनों का साथ छूट जाए, तब भी यदि विश्वास अडिग रहे, तो समझिए वहां बाबा श्याम का हाथ है।” कंचन आई केयर की सराहनीय पहल इस अवसर पर कंचन आई केयर द्वारा भक्तों के लिए निशुल्क दवाई और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाई गई। साथ ही आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस की निशुल्क व्यवस्था भी की गई, ताकि पदयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। भगत पवन की यह तपस्या और समर्पण समाज में आस्था, सेवा और सनातन मूल्यों की नई प्रेरणा दे रहा है।
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