भिंड शहर में भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के समर्थन में कलेक्ट्रेट गेट पर करीब तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में लगभग डेढ़ सैंकड़ा कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कानून को सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की मजबूती के लिए आवश्यक बताते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। कार्यक्रम की शुरुआत सब्जी मंडी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद रैली के रूप में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सतेन्द्र विद्रोही ने कहा, “देश में शोषित, वंचित और पीड़ित समाज को न्याय दिलाने का काम बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित संविधान ने किया है। यही संविधान हमारा सबसे बड़ा हथियार है। हम संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। यूजीसी कानून किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उन मानसिकताओं के खिलाफ है जो समाज में भेदभाव और अन्याय को बढ़ावा देती हैं। हम किसी भी कीमत पर इसे लागू करवाकर रहेंगे।” अनिल गुर्जर ने कहा, “आज भी समाज में जातिवादी सोच मौजूद है, जो दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को बराबरी का दर्जा नहीं देना चाहती। हमें बाबा साहब द्वारा दिए गए अधिकारों का उपयोग करना होगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।” केशव जाटव ने अपने वक्तव्य में कहा, “हमारी लड़ाई लंबी है, लेकिन हम इसे संविधान के दायरे में रहकर लड़ेंगे। सामाजिक न्याय और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा।” पुलिस फोर्स रहा तैनात रैली जब सदर बाजार से गुजर रही थी, तब एक युवक के साथ कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटना हुई, जिसे पुलिस ने तत्काल शांत करा दिया। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम लक्ष्मीकांत पांडे को ज्ञापन सौंपकर यूजीसी कानून लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और रैली मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी।
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