Holika Dahan Timing: होली दहन को लेकर इस बार लोगों में शुभ मुहूर्त और चंद्र ग्रहण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी. ज्योतिषाचार्य के अनुसार होलिका दहन निर्धारित शुभ समय में ही करना चाहिए, ताकि पूजा का पूर्ण फल मिल सके. यदि चंद्र ग्रहण का प्रभाव पड़ रहा हो तो ग्रहण काल में धार्मिक कार्यों से बचने और विशेष सावधानियां रखने की सलाह दी जाती है. पूजा से पहले स्नान, शुद्धि और नियमों का पालन करना आवश्यक है. सही समय और विधि से किया गया होलिका दहन सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
इस दौरान चंद्र ग्रहण और सूतक को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति में आने की आवश्यकता नहीं है. हालांकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है, लेकिन यह अल्पकालिक रहेगा और होली के उल्लास पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. श्रद्धालु पारंपरिक मान्यताओं का पालन करते हुए पर्व को सौहार्द और उत्साह के साथ मना सकेंगे.
प्रदोष काल में भद्रा का मुख नहीं होने के कारण
पुजारी पंडित आशुतोष शर्मा ने बताया कि होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी, सोमवार दिनांक 2 मार्च 2026 को शास्त्र सम्मत रहेगा. दहन का सर्वश्रेष्ठ समय सायं 6:36 से रात्रि 9:00 बजे तक पूर्णिमा व्यापिनी तिथि के प्रदोष काल में रहेगा. विशेष बात यह है कि इस दिन पूर्णिमा का प्रवेश सायं 5:56 पर होगा. यद्यपि भद्रा निशिथ काल के बाद तक रहेगी, परंतु प्रदोष काल में भद्रा का मुख नहीं होने के कारण ‘भद्रा दोष’ मान्य नहीं होगा. रंगों का त्यौहार धूलण्डी मंगलवार दिनांक 3 मार्च 2026 को ही मनाया जाएगा. पंडित शर्मा ने स्पष्ट किया कि आपसी प्रेम और सौहार्द के इस पर्व में चंद्र ग्रहण या सूतक की कोई बाधा नहीं होगी. भक्तगण हर्षोल्लास के साथ एक-दूसरे को रंग लगा सकेंगे.
पूर्णिमा, मंगलवार 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है. भारतवर्ष में यह ग्रस्तोंदित ग्रहण के रूप में अल्पकाल के लिए दिखाई देगा. ग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व यानी प्रातः 9:45 बजे से ही आरंभ हो जाएगा. सूतक काल के दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और देव प्रतिमा का स्पर्श वर्जित होगा. यह ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि पर प्रभावी रहेगा. इस अवधि में मंत्र जाप और देव आराधना कई गुना फलदायी मानी गई है.
भीलवाड़ा में खास तौर पर मनाई जाती है शीतलाष्टमी का पर्व
भीलवाड़ा में होली और धुलण्डीके साथ दिन बाद शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है मान्यताओं के अनुसार भीलवाड़ा में खास तौर पर रंगों का उत्सव ऐसे दिन मनाया जाता है और पूरा शहर और जिला इस दिन रंग खेलते हैं और एक दूसरे को होली की बधाई देते हैं.
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