Agriculture News : भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी में नई सरसों की आवक से रौनक लौट आई है. रोजाना सैकड़ों बोरियां पहुंचने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. बेहतर दाम और बाहरी राज्यों से बढ़ती मांग ने बाजार को गर्म कर दिया है. हालांकि नमी के कारण भावों में उतार-चढ़ाव भी दिख रहा है, लेकिन व्यापारियों को आगे और मजबूती की उम्मीद है.
खास बात यह है कि भीलवाड़ा की सरसों अपनी गुणवत्ता और तेल की मात्रा के कारण न सिर्फ स्थानीय बाजार में बल्कि मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी खास मांग रखती है. वहीं किसानों ने इस बार सरसों के दाम को लेकर खुशी जताई है. मंडी व्यापारी शिव गगरानी ने बताया कि पिछले दो दिनों से मंडी में प्रतिदिन 700 से 800 बोरी सरसों पहुंच रही है. फिलहाल यह शुरुआत है, लेकिन फरवरी माह की शुरुआत के साथ ही खेतों में कटाई जोर पकड़ेगी और मंडी में आवक का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा.
नमी से सरसों के दाम डगमगाए
मंडी में आ रही नई सरसों नमी की मात्रा अधिक होने के कारण भावों में विविधता है. सूखी और उच्च गुणवत्ता वाली सरसों के दाम 6 हजार 500 रुपए प्रति क्विटल तक बोले जा रहे है, जबकि नमी वाली सरसों का न्यूनतम भाव 5 हजार 300 रुपए प्रति किंवटल तक रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जैसे-जैसे धूप खिलेगी और फसल में नमी कम होगी, औसत भावों में और स्थिरता आएगी.
मध्यप्रदेश सहित बड़े शहरों में डिमांड
भीलवाड़ा मंडी में आने वाली इस नई सरसों की मांग अभी से पड़ोसी जिलों और तेल मिलों के गढ़ में होने लगी है. यहां से सरसों के ट्रक सीधे जयपुर, केकड़ी, निवाई और मालपुरा स्थित बड़ी मिलों के लिए रवाना हो रहे हैं. इसके साथ ही मध्यप्रदेश में भी सरसो की डिमांड हो रही है. नई फसल का तेल स्वाद और सुगंध में बेहतर होने के कारण मिलर्स इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं.
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A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
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