पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में लापरवाही व लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। योजना की समीक्षा के दौरान बैठक में अनुपस्थित, कार्य में रुचि नहीं लेने और निर्माण की धीमी गति पाए जाने पर 21 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें 9 उपअभियंता, 6 तकनीकी सहायक, एक अनुविभागीय अधिकारी (आरईएस), एक संकाय सदस्य, एक सहायक प्रोग्रामर, तीन ग्राम पंचायत सचिव शामिल है। यह कार्रवाई जिला पंचायत बेमेतरा सीईओ द्वारा की गई है। 12 जनवरी व 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में जिले की प्रगति की जानकारी ली गई। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024–26 के लिए आवंटित लक्ष्य की तुलना में जिले में आवास निर्माण की रफ्तार धीमी है। इस अवधि में कुल 29 हजार 418 आवास का लक्ष्य दिया गया है,जिसके विरुद्ध अब तक केवल 18 हजार 236 आवास का निर्माण ही पूर्ण हो सका है। इस प्रकार आवास पूर्णता का प्रतिशत मात्र 61.98 प्रतिशत है, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे है। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि जिले में 4 हजार 105 आवास अभी तक प्रारंभ ही नहीं किए गए हैं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिपं सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अप्रारंभ आवास का निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
संतोषजनक जवाब नहीं तो होगी कार्रवाई
जिपं सीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। शासन की महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि पीएम आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत जिले को आवंटित सभी आवासों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जाए,ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
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