सुनियोजित विकास और अवैध निर्माण रोकने पर दिया बल
विशेष क्षेत्र में लागू नियमों और विनियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान
पंचायत घर बहडाला के सभागार में लगाया जागरूकता शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। पंचायतों में सुनियोजित और संतुलित विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उप-मंडलीय नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय ऊना की ओर से शनिवार को पंचायत घर बहडाला के सभागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता सहायक नगर योजनाकार ऊना निर्मल सिंह ने की। इसमें विशेष क्षेत्र में शामिल पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, पंचायत सचिव तथा वार्ड सदस्यों ने भाग लिया। शिविर के दौरान निर्मल सिंह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 तथा ऊना योजना, विशेष क्षेत्र में लागू नियमों एवं विनियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने पंचायत वार्डों में आम जनता को इन प्रावधानों के प्रति जागरूक करें, ताकि क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियों के लिए अधिनियम के अंतर्गत प्रदान की गई छूट के बारे में भी जानकारी दी। स्पष्ट किया कि ऊना योजना क्षेत्र में शामिल पंचायतों में यदि कोई व्यक्ति भूमि खरीदकर निर्माण करना चाहता है तो उसे नगर एवं ग्राम योजना विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16(सी) के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि भूमि की बिक्री से पूर्व विभाग से प्लॉट स्वीकृत करवाना आवश्यक है। साथ ही खरीदारों को भी केवल विभाग की ओर से स्वीकृत उप-विभाजित प्लॉट ही खरीदने चाहिए, ताकि उन्हें व्यवस्थित, वर्गाकार अथवा आयताकार प्लॉट, उचित रास्ते एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। शिविर में भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम (रेरा) के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। बताया कि अधिसूचित योजना क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉट अथवा आठ से अधिक अपार्टमेंट के निर्माण एवं विक्रय के लिए रेरा के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त जिले में कहीं भी 1000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर प्लॉट या अपार्टमेंट के निर्माण एवं विक्रय की स्थिति में उस क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र माना जाएगा।
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