बिजली बिल जमा नहीं करने वाले बड़े बकायेदारों के खिलाफ मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी द्वारा लगभग 175 बड़े बकायेदारों के बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। इसके साथ ही बिजली चोरी के मामलों में लोक अदालत में मिली छूट के बावजूद भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है।
शहर वृत्त के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने बताया कि समाधान योजना के तहत पात्र होने के बावजूद बड़े बकायेदारों को कई माध्यमों से बिजली बिल भुगतान के लिए स्मरण कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने भुगतान में कोई रुचि नहीं दिखाई।
उन्होंने बताया कि विजय नगर संभाग में 61.44 लाख रुपये की वसूली के लिए 159 उपभोक्ताओं के बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। वहीं दक्षिण संभाग में 3 लाख रुपये की वसूली के लिए 15 उपभोक्ताओं के बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।
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अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा तहसीलदार के प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए पहले फॉर्म-बी और बाद में फॉर्म-सी के तहत कार्रवाई की गई। इसके बावजूद भी जब बड़े बकायेदारों ने बिजली बिल की राशि जमा नहीं की, तो उनके बैंक खाते फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए।
इसके अतिरिक्त तीन ऐसे उपभोक्ता भी सामने आए, जिनके खिलाफ पूर्व में बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज थे। लोक अदालत में छूट मिलने के बाद भी उन्होंने बकाया राशि जमा नहीं की। न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। पुलिस के सहयोग से उनकी गिरफ्तारी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेजने के आदेश दिए गए।
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